निष्क्रिय इच्छामृत्यु पर कानून बनाने पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। देश में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) जैसे संवेदनशील विषय पर स्पष्ट कानून की जरूरत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अहम सुझाव दिया है। सर्वोच्च अदालत…

नोटा पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती: मतदान को अधिक प्रभावी बनाने पर बहस तेज

नई दिल्ली | देश की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों को मज़बूत करने को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में चल…

क्या ‘नोटा’ से बेहतर नेता चुने जा रहे? सुप्रीम कोर्ट ने उठाया अहम सवाल

नई दिल्ली: देश में चुनावी सुधारों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पूछा कि…

चुनाव से पहले मुफ्त योजनाओं और नकद बांटने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकारों को दी कड़ी सलाह

नई दिल्ली। चुनावी मौसम में वोटरों को आकर्षित करने के लिए घोषित की जाने वाली मुफ्त योजनाओं (फ्रीबीज) और सीधे नकद वितरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई…

जेंडर स्टीरियोटाइप पर न्यायपालिका का बड़ा फैसला, अदालतों को नई सीख

भारत की न्याय व्यवस्था समय-समय पर समाज के साथ कदम मिलाकर खुद को सुधारती रही है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने अदालतों में महिलाओं से जुड़े पुराने और पक्षपाती…

न्याय का इंतज़ार: हर 10 लाख लोगों पर सिर्फ 22 जज!

भारत की न्याय व्यवस्था एक बड़े मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। उपलब्ध आँकड़े बताते हैं कि देश की विशाल आबादी के मुकाबले अदालतों में न्यायाधीशों की संख्या बेहद…

मातृत्व नहीं है मजबूरी, अधिकार है — कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक संदेश”

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी नाबालिग लड़की को उसकी इच्छा के विरुद्ध “मां बनने” के लिए बाध्य नहीं किया जा…