पहली बार दो अंतरिक्ष यान मिलकर करेंगे मंगल की खोज, नासा ने शुरू किया नया मिशन

न्यूयॉर्क/एजेंसी:

मंगल ग्रह के रहस्यों को समझने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक नया और महत्वपूर्ण मिशन शुरू किया है। इस मिशन की खास बात यह है कि पहली बार दो अंतरिक्ष यान एक साथ मिलकर मंगल के वातावरण और उसके अतीत से जुड़े रहस्यों का अध्ययन करेंगे। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस मिशन से मंगल ग्रह के इतिहास और वहां जीवन की संभावनाओं के बारे में नई जानकारी मिल सकती है।

जानकारी के अनुसार, इस मिशन का नाम “एस्केपेड (ESCAPADE)” रखा गया है। इसके तहत दो छोटे-छोटे अंतरिक्ष यान मंगल की कक्षा में पहुंचकर ग्रह के चारों ओर घूमते हुए उसके वातावरण और वहां होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं का अध्ययन करेंगे। दोनों यान एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर डेटा इकट्ठा करेंगे, जिससे वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

वैज्ञानिकों के मुताबिक अरबों वर्ष पहले मंगल ग्रह का वातावरण आज की तुलना में बिल्कुल अलग था। उस समय वहां का तापमान अपेक्षाकृत अधिक था और पानी भी मौजूद होने की संभावना मानी जाती है। लेकिन समय के साथ मंगल का वातावरण धीरे-धीरे खत्म होता चला गया, जिसके कारण वहां की परिस्थितियां बदल गईं।

नासा के इस नए मिशन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर मंगल का वातावरण किस तरह खत्म हुआ और इसके पीछे कौन-सी प्रक्रियाएं जिम्मेदार रहीं। इसके लिए दोनों अंतरिक्ष यान मंगल के चारों ओर अलग-अलग दूरी से अध्ययन करेंगे और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आंकड़े जुटाएंगे।

मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह का संयुक्त अध्ययन पहले कभी नहीं किया गया था। दो यानों के एक साथ काम करने से मंगल के वातावरण और उसकी संरचना को समझने में अधिक सटीक जानकारी मिल सकेगी। इससे भविष्य में मंगल पर मानव मिशन भेजने की योजनाओं को भी मजबूती मिल सकती है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मिशन से मिले आंकड़ों का सही तरीके से विश्लेषण किया गया, तो मंगल ग्रह के अतीत के साथ-साथ सौर मंडल के विकास को समझने में भी महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। आने वाले वर्षों में यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कई नई जानकारियों का रास्ता खोल सकता है।

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