सुपौल से बड़ी खबर: ममता कालिया और डॉ. महेंद्र झा को साहित्य अकादमी सम्मान

नई दिल्ली/सुपौल

हिंदी और मैथिली साहित्य जगत के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025 के अपने प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा करते हुए देश की 24 भाषाओं के रचनाकारों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। इस सूची में हिंदी की जानी-मानी लेखिका ममता कालिया और मैथिली के प्रसिद्ध लेखक डॉ. महेंद्र झा का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।

हिंदी साहित्य में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकीं ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। इस कृति में उन्होंने अपने जीवन अनुभवों, सामाजिक परिवेश और इलाहाबाद (प्रयागराज) की साहित्यिक संस्कृति को बेहद सहज और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी लेखनी में आम जीवन की झलक और संवेदनाओं की गहराई साफ दिखाई देती है, जो पाठकों को अपने साथ जोड़ लेती है।

वहीं मैथिली भाषा के क्षेत्र में डॉ. महेंद्र झा को उनके संस्मरण ‘धात्रि पात सन गाम’ के लिए चुना गया है। यह पुस्तक मिथिला की परंपराओं, लोकजीवन और क्षेत्रीय इतिहास को विस्तार से उजागर करती है। खासकर कोसी क्षेत्र, सुपौल जिला और आसपास के इलाकों के सामाजिक-सांस्कृतिक पहलुओं को लेखक ने बड़े ही जीवंत तरीके से चित्रित किया है।

डॉ. महेंद्र झा का यह संस्मरण कुछ वर्ष पहले प्रकाशित हुआ था और इसे साहित्य प्रेमियों के बीच काफी सराहना मिली थी। वर्तमान में वे रांची में निवास करते हैं, जबकि उनका मूल संबंध सुपौल जिले से रहा है। उनकी रचनाओं में स्थानीय जीवन की सच्चाई और इतिहास की गहराई का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

See also  जन्माष्टमी 2025 पर खास भजन और उनकी महिमा

साहित्य अकादमी द्वारा चयनित सभी रचनाकारों को आगामी 31 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान विजेताओं को ताम्रपत्र, शॉल और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

यह सम्मान न केवल इन दोनों लेखकों की साहित्यिक उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि हिंदी और मैथिली जैसी भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करता है। साहित्य प्रेमियों और पाठकों के लिए यह उपलब्धि प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

Related Posts

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल के क्षेत्र में प्रगति दर्ज की गई है, लेकिन जन्म के समय लड़कियों और लड़कों के अनुपात को लेकर राज्य की स्थिति…

Read more

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती का परिचय दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.7…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा