नेताओं के पोस्टर टंगे ऊँचाई पर, सबलपुर की जनता डूबी गंगा की गहराई में

सबलपुर पंचायत की यह स्थिति सिर्फ़ एक पंचायत की कहानी नहीं है, बल्कि गंगा किनारे बसे सैकड़ों गांवों का दर्द है। चार दर्जन से अधिक घरों का गिरना और लगातार जारी कटाव यह साबित करता है कि चुनावी शोर-शराबे के बीच जनता की असली समस्याएँ कहीं खो जाती हैं।

जनता अब नेताओं से सिर्फ़ वादे नहीं, बल्कि कटाव रोकने और बाढ़ से बचाने का ठोस समाधान चाहती है। सवाल यही है – क्या इस बार कोई सरकार सचमुच सुनवाई करेगी या अगले साल फिर यही हालात दोहराए जाएँगे?