जोधपुर, राजस्थान:
राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। 29 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत को लेकर लगातार नए सवाल सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इंजेक्शन से मौत और इंस्टाग्राम पर सामने आए पोस्ट ने इस केस को और भी रहस्यमय बना दिया है।
इंजेक्शन लगते ही मौत, क्या थी लापरवाही?
साध्वी प्रेम बाईसा के पिता और गुरु वीरम नाथ के अनुसार, साध्वी पिछले कुछ दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थीं। इसी दौरान आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया, जिसने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया। बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगने के महज पांच मिनट के भीतर साध्वी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं—
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बिना डॉक्टर की मौजूदगी इंजेक्शन क्यों लगाया गया?
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इंजेक्शन कौन-सा था और किस बीमारी के लिए दिया गया?
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क्या यह मेडिकल लापरवाही का मामला है?
पुलिस ने कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है और इंजेक्शन के खोल समेत मेडिकल सामग्री को जब्त कर लिया गया है। हालांकि, जांच अभी शुरुआती दौर में है।
इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस

मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू साध्वी प्रेम बाईसा का इंस्टाग्राम पोस्ट है। साध्वी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 7 लाख फॉलोअर्स हैं। जिस दिन उनकी मौत की खबर सामने आई, उसी दिन उनके अकाउंट से एक लंबा भावुक पोस्ट किया गया।
इस पोस्ट की भाषा किसी सामान्य धार्मिक संदेश जैसी नहीं, बल्कि एक अंतिम संदेश या सुसाइड नोट जैसी प्रतीत होती है। पोस्ट में सनातन धर्म, न्याय और दुनिया को अलविदा कहने जैसी बातें लिखी गई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
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साध्वी की मौत शाम करीब 5 बजे हुई,
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जबकि यह पोस्ट लगभग चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर दिखाई दिया।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पोस्ट किसने और कब किया?
पिता का दावा, लेकिन सवाल बरकरार

इस मामले पर साध्वी के पिता वीरम नाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पोस्ट साध्वी के मोबाइल फोन से ही किया गया था। उन्होंने दावा किया कि साध्वी ने अपने अंतिम समय में एक साथी गुरु महाराज से यह संदेश सोशल मीडिया पर डालने को कहा था और उन्होंने न्याय मिलने की बात कही थी।
हालांकि, इस दावे के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं—
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गंभीर हालत में सोशल मीडिया पोस्ट करवाने की जरूरत क्यों पड़ी?
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क्या उस समय साध्वी पूरी तरह होश में थीं?
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क्या किसी अन्य व्यक्ति को उनके सोशल मीडिया अकाउंट की पहुंच थी?
जांच के घेरे में कई पहलू
जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में गठित टीम अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस इंजेक्शन, कंपाउंडर की भूमिका, मोबाइल फोन की गतिविधि और इंस्टाग्राम पोस्ट के टाइमलाइन की भी तकनीकी जांच कर रही है।
यह मामला अब सिर्फ एक साध्वी की मौत का नहीं रह गया है, बल्कि मेडिकल जिम्मेदारी, आश्रम व्यवस्था और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या मिलेगा इंसाफ?
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई ऐसे सवाल छोड़ दिए हैं जिनके जवाब अब जांच से ही सामने आएंगे। यह देखना अहम होगा कि क्या इस मामले में लापरवाही या किसी साजिश की पुष्टि होती है, और अगर दोषी कोई पाया जाता है तो क्या उसे सख्त सजा मिलेगी।
फिलहाल, पूरे देश की नजरें इस जांच पर टिकी हैं और हर कोई यही जानना चाहता है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक हादसा थी या इसके पीछे कोई बड़ी सच्चाई छुपी है।


















