कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने कृषि रोडमैप 2026-31 के तहत बड़े और दूरगामी फैसले किए हैं। इस रोडमैप का मुख्य लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाना, उत्पादन क्षमता में सुधार करना और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
उत्पादन बढ़ाने पर खास जोर
नए कृषि रोडमैप में अनाज, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (श्रीअन्न) के उत्पादन को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि विविध फसलों को बढ़ावा देकर न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार भी मिलेगा।
सिंचाई और बुनियादी ढांचे में निवेश
खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। नई नहरें, माइक्रो इरिगेशन और जल संरक्षण परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि बारिश पर निर्भरता कम हो।
किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रोडमैप केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति पर आधारित है। इसके लिए:
. फसल विविधीकरण
. आधुनिक बीज और तकनीक
. बेहतर भंडारण और विपणन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।
पशुपालन और सहायक कृषि को बढ़ावा
खेती के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को भी रोडमैप में शामिल किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को अतिरिक्त आय के साधन मिलेंगे।
तकनीक और नवाचार से बदलेगी खेती
डिजिटल कृषि, मशीनीकरण और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है। इससे खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सकेगी।
कृषि रोडमैप 2026-31 किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में खेती न सिर्फ मजबूत होगी, बल्कि किसान आर्थिक रूप से भी सशक्त बनेंगे।

















