कर्तव्य पथ पर गूंजी वैष्णवी की धुन, गोपाल नारायण सिंह परिवार की बेटी ने बढ़ाया पूरे क्षेत्र का मान

ब्यूरो रिपोर्ट The Newsic / नई दिल्ली
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष जब अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और आत्मविश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला, तो उसमें एक नाम विशेष रूप से चर्चा में रहा—वैष्णवी नारायण सिंह। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सेक्रेटरी श्री गोविंद नारायण सिंह की छोटी पुत्री वैष्णवी ने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
राजस्थान के पिलानी स्थित प्रतिष्ठित Birla Balika Vidyapeeth में अध्ययनरत वैष्णवी उस स्कूल की बैंड टीम का हिस्सा थीं, जिसे गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्तव्य पथ पर प्रस्तुति का अवसर मिला था। इस ऐतिहासिक परेड में वैष्णवी ने क्लैरिनेट (Clarinet) वाद्य यंत्र बजाते हुए कदमताल के साथ अपनी प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बचपन में ही दिखा राष्ट्रप्रेम और अनुशासन का संस्कार
छोटी उम्र में ही वैष्णवी द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम यह दर्शाता है कि आने वाली पीढ़ी देश के प्रति कितनी सजग और समर्पित है। गणतंत्र दिवस जैसी राष्ट्रीय परेड में चयन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, जिसमें महीनों की कठिन ट्रेनिंग, सख्त अनुशासन और मानसिक मजबूती की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
परिवार में खुशी की लहर
वैष्णवी की इस उपलब्धि पर उनके पिता श्री गोविंद नारायण सिंह और दादा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री गोपाल नारायण सिंह, ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी साझा की है। दोनों ने परेड का वीडियो पोस्ट कर बेटी/पोती की उपलब्धि पर गर्व जताया और देशभक्ति की इस मिसाल को सराहा।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो को लोगों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। शुभकामनाओं और बधाइयों की बाढ़ आ गई है, वहीं क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए गर्व का क्षण बताया है।
शिक्षा और संस्कार का सुंदर मेल
Birla Balika Vidyapeeth, पिलानी जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान द्वारा छात्रों को न सिर्फ शैक्षणिक बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मंचों पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना भी सराहनीय है। स्कूल की बैंड टीम का कर्तव्य पथ तक पहुंचना संस्थान की गुणवत्ता और प्रशिक्षण का प्रमाण है।
वैष्णवी का चयन इस बात को भी दर्शाता है कि बेटियाँ आज हर मंच पर देश का नाम रोशन कर रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, संस्कृति हो या राष्ट्रीय कार्यक्रम।
उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम
वैष्णवी नारायण सिंह की यह उपलब्धि केवल एक परेड में भागीदारी भर नहीं है, बल्कि यह आने वाले उज्ज्वल भारत की मजबूत नींव का संकेत है। बचपन में ही कर्तव्य और राष्ट्रप्रेम के बीज जिस तरह उनके भीतर रोपे गए हैं, वह भविष्य में देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
वैष्णवी को ढेरों शुभकामनाएं और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद। उनके इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, मेहनत और सही दिशा मिले तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।

Ayush Mishra

journalist

Related Posts

13 फ़रवरी 2026 का राशिफल (शुक्रवार)

आज चंद्रमा का प्रभाव भावनाओं और रिश्तों पर रहेगा, वहीं शुक्रवार होने से प्रेम, सौंदर्य, पैसा और आराम से जुड़े फैसले ज़्यादा असर डालेंगे। कई राशियों के लिए आज रिश्ते…

Read more

Continue reading
देशभर में लागू हुआ नया प्रोटोकॉल, राष्ट्रीय गीत-राष्ट्रगान का तय हुआ क्रम

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को लेकर एक स्पष्ट नियमावली जारी कर दी है। गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, जब भी दोनों…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *