संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जनवरी 2026 को केविन वॉर्श को अगले फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) चेयरमैन के रूप में नामांकित किया है, जो वर्तमान चेयर जेरोम पॉवेल की जगह लेंगे जब उनका कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होगा। यह नामांकन अब यूएस सीनेट की पुष्टि (Senate Confirmation) के लिए भेजा जाएगा।
केविन वॉर्श कौन हैं? उनका प्रोफाइल
Kevin Warsh 55 वर्ष के हैं और वे पहले फेडरल रिजर्व के गर्वनर (Governor) रह चुके हैं, जिनका कार्यकाल 2006 से 2011 तक रहा। उस समय वह इतिहास में सबसे कम उम्र के गवर्नर के रूप में नियुक्त हुए थे।
उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक और हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की है, और इसके बाद फेड के बोर्ड में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वे 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौर में भी फेड की नीतियों के बीच एक मुख्य कड़ी के रूप में काम कर चुके हैं।
पॉवेल के कार्यकाल में ब्याज दरों के मामलों पर ट्रंप और फेड के बीच मतभेद लगातार चर्चा में रहे हैं। ट्रंप चाहते थे कि फेड ब्याज दरों में तेजी से कटौती करे, जबकि पॉवेल ने अधिक सतर्क रुख अपनाया।
ट्रंप की घोषणा और बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “Truth Social” पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे वॉर्श को चुनकर बहुत खुश हैं और उन्हें यकीन है कि वॉर्श “महान FED चेयरमैन में से एक होंगे, शायद सबसे बेहतरीन।”
ट्रंप के इस फैसले से यह संदेश भी मिलता है कि वह फेड की नीतियों को कम ब्याज दरों और अधिक आर्थिक प्रोत्साहन की दिशा में ले जाना चाहते हैं, जो उनके राजनीतिक और आर्थिक एजेंडे के अनुरूप है।
सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता और विवाद
हालांकी राष्ट्रपति ने वॉर्श को नामांकित किया है, परंतु उनका पुष्टि होना सीनेट के हाथ में है। यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से काफी नाज़ुक भी मानी जा रही है। कुछ रिपब्लिकन सैनेटर्स ने पहले ही चेतावनी दी है कि वे वॉर्श की पुष्टि को वॉशिंगटन स्थित फेड के मुख्य कार्यकारी पॉवेल के खिलाफ चल रहे आपराधिक जांच के समाधान तक रोक सकते हैं।
विशेष रूप से सीनेट बैंकिंग कमिटी के सदस्य थॉम टिलिस ने संकेत दिया है कि जांच पूरी हुए बिना वे किसी भी नए फेड चेयर की पुष्टि का समर्थन नहीं करेंगे, ताकि फेड की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप में संतुलन बना रहे।
केविन वॉर्श के आर्थिक विचार
वॉर्श को पारंपरिक रूप से hawkish (मंदी विरोधी) माना जाता रहा है, यानी ऐसा नीति-निर्माता जो ब्याज दरों को नियंत्रित रखकर महंगाई को रोकने पर ज़ोर देता है।
हालांकि, ट्रंप के समर्थन वाले रुख के साथ उनकी बयानबाजी ने संकेत दिया है कि वे ब्याज दरों में कटौती की ओर भी खुलकर विचार कर सकते हैं, जो कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने में मदद कर सकता है लेकिन फेड की स्वतंत्रता को प्रभावित भी कर सकता है।
उनकी पूर्व सेवाओं का अनुभव आर्थिक चक्रों, भूकंपीय आर्थिक संकटों और वित्तीय बाजारों के बीच संतुलन स्थापित करने में रहा है।
फेड की भूमिका – और क्यों यह महत्वपूर्ण है?
फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) संयुक्त राज्य अमेरिका का केंद्रीय बैंक है और यह:
- ब्याज दरें निर्धारित करता है
- मुद्रा नीति लागू करता है
- आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता है
इन नीतियों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर की ताकत, बाजार मूल्य और निवेश धाराओं पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है।
फेड का चेयर व्यक्ति सिर्फ अमेरिका को नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों को भी दिशा देता है — इसीलिए हर नामांकन विश्लेषकों और निवेशकों की नजरों में रहता है।
बाजारों पर प्रभाव
केविन वॉर्श के नामांकन की खबर के बाद सिल्वर और सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशकों को लगा कि ब्याज दरों में कटौती की संभावना काफी धीमी रह सकती है, जिससे परम्परागत सुरक्षित संपत्तियों की मांग कम हो जाएगी।
इसके अलावा, शेयर बाजारों और मुद्रा बाजारों में टेंशन और उतार-चढ़ाव की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली, क्योंकि निवेशक फेड की नीतिगत दिशा के बारे में अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं।
अब आगे क्या होगा?
अब केविन वॉर्श की पुष्टि प्रक्रिया सीनेट में होगी, जहां दोनों राजनीतिक दल — रिपब्लिकन और डेमोक्रेट — अपनी रणनीतियों के साथ विचार करेंगे। यदि वे सफलतापूर्वक चेयर पद पर पुष्टि पाते हैं तो मई 2026 के बाद वे फेड के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
यह प्रक्रिया बाजार, आर्थिक नीति, ब्याज दर की दिशा और अंतरराष्ट्रीय निवेश धाराओं पर प्रभाव डाल सकती है, जिससे यह न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक वित्तीय समीकरणों का भी एक अहम मोड़ बन सकती है।


















