सधी हुई आवाज़ की खामोशी: दूरदर्शन की पहचान रहीं सरला माहेश्वरी को श्रद्धांजलि
भारतीय टेलीविजन के शुरुआती दौर को याद करें तो एक बात लगभग हर घर में समान थी—रात का समाचार बुलेटिन और उसके साथ एक भरोसेमंद, शांत और स्पष्ट आवाज़। यही…
भारतीय टेलीविजन के शुरुआती दौर को याद करें तो एक बात लगभग हर घर में समान थी—रात का समाचार बुलेटिन और उसके साथ एक भरोसेमंद, शांत और स्पष्ट आवाज़। यही…






