विदेश यात्रा महंगी, देशी पर्यटन को मिला बढ़ावा

नई दिल्ली : वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के चलते अब विदेश घूमना आम लोगों के लिए पहले जितना आसान नहीं रह गया है। खासकर यूरोप जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए खर्चों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि भारतीय पर्यटक अब देश के भीतर ही घूमने को प्राथमिकता देने लगे हैं।

 

विदेश यात्रा पर क्यों बढ़ा खर्च?

हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए, वीज़ा शुल्क और अन्य खर्चों में तेजी से इजाफा हुआ है। यूरोप जैसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जाने के लिए अब पहले से कहीं ज्यादा बजट की जरूरत पड़ रही है। यही कारण है कि मध्यम वर्ग के लोग विदेश यात्रा से दूरी बना रहे हैं।

 

घरेलू पर्यटन बना पहली पसंद

विदेश यात्रा महंगी होने के कारण अब लोग भारत के खूबसूरत पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केरल जैसे स्थानों पर पर्यटकों की संख्या में तेजी आई है।

पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, इस बदलाव ने घरेलू पर्यटन को नई ऊर्जा दी है।

 

होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को फायदा

देश के भीतर पर्यटन बढ़ने से होटल, ट्रैवल एजेंसियां और लोकल गाइड्स को बड़ा फायदा मिल रहा है। कई शहरों में होटल बुकिंग पहले से ज्यादा हो रही है और ट्रैवल पैकेज की मांग भी बढ़ी है।

 

आंकड़े क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी यात्राओं की लागत में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, घरेलू पर्यटन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।

See also  भोज के लिए गैस सिलेंडर चाहिए तो पहले देनी होगी सूचना, जानिए नई व्यवस्था

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।

 

 नए पर्यटन स्थल भी बन रहे लोकप्रिय

पहले जहां लोग केवल बड़े शहरों या प्रसिद्ध जगहों तक सीमित रहते थे, अब छोटे और कम प्रसिद्ध स्थानों की भी मांग बढ़ रही है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

 

 लोगों की बदलती सोच

यात्रियों का कहना है कि अब वे कम खर्च में ज्यादा अनुभव चाहते हैं। देश के अंदर घूमने से न सिर्फ पैसे बचते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से जानने का मौका भी मिलता है।

 

विदेश यात्रा के बढ़ते खर्च ने भारतीय पर्यटन के परिदृश्य को बदल दिया है। जहां एक ओर लोग अंतरराष्ट्रीय ट्रिप्स को टाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर पर्यटन का नया दौर शुरू हो चुका है। यह बदलाव न केवल यात्रियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है।

 

Related Posts

गेहूं खरीद में नया रिकॉर्ड: 3.5 करोड़ टन के पार पहुंची सरकारी खरीद, किसानों को मिला बड़ा लाभ

नई दिल्ली। देश में गेहूं की सरकारी खरीद ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार की एजेंसियों द्वारा रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए अब तक 3.5…

Read more

भीषण गर्मी से भारत के दुग्ध उत्पादन पर संकट

बढ़ते तापमान ने डेयरी किसानों की चिंता बढ़ाई, दूध देने वाले पशुओं की सेहत और उत्पादन दोनों प्रभावित नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ती गर्मी अब केवल इंसानों के लिए…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा