तेजस Mk1A को मिले अमेरिकी GE इंजन, भारत की वायुशक्ति में बड़ा इज़ाफा
भारत को स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A के लिए अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (General Electric – GE) कंपनी से दो अत्याधुनिक F404 इंजन प्राप्त हो चुके हैं। इन इंजनों की आपूर्ति में लगभग एक साल से अधिक की देरी हुई थी, जबकि तीसरा इंजन इसी महीने तक भारत पहुँचने की उम्मीद है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर 2025 से GE हर महीने दो इंजन भारत को भेजेगा, जिससे तेजस बेड़े के विस्तार की गति तेज होगी।
तेजस Mk1A के इंजन सौदे की स्थिति
रक्षा मंत्रालय के भीतर से मिली जानकारी बताती है कि 99 इंजनों के पहले ऑर्डर पर दोनों पक्षों में चर्चा अंतिम चरण में है। साथ ही 97 अतिरिक्त तेजस Mk1A विमानों के लिए भी इंजन खरीद को मंजूरी दी जा चुकी है। माना जा रहा है कि F404 इंजन के इस फॉलो-अप ऑर्डर को अगस्त के अंत तक औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा।
भविष्य की योजनाओं में, भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) और तेजस Mk2 जैसे उन्नत विमानों के लिए अमेरिका से F414 इंजन खरीदने पर भी बातचीत हो रही है। सूत्र बताते हैं कि इस सौदे की तकनीकी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं और इसे फाइनल होने में कुछ महीने और लग सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को नुकसान
तेजस के महत्व को बढ़ाने वाले सबसे बड़े उदाहरणों में से एक है ऑपरेशन सिंदूर। इस सैन्य अभियान में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई हवाई ठिकानों को निशाना बनाया। अनुमान है कि पाकिस्तान को इस हमले में करीब 4,500 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
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पाकिस्तान वायुसेना के चार F-16 ब्लॉक 52 लड़ाकू विमान नष्ट हुए, जिनकी कुल कीमत लगभग 350 मिलियन डॉलर थी।
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इसके अलावा, पाकिस्तानी रक्षा शस्त्रागार की ताकत मानी जाने वाली शाहीन क्लास की दो मिसाइलें भी नष्ट कर दी गईं, जिससे लगभग 8 मिलियन डॉलर का और नुकसान हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस के शामिल होने से भारत की वायु शक्ति और भी मजबूत हुई है, खासकर हल्के और तेज़ प्रतिक्रिया वाले मिशनों में।

रॉयटर्स की रिपोर्ट पर सरकारी प्रतिक्रिया
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित रक्षा उपकरणों पर टैरिफ 50% बढ़ाने के बाद भारत, अमेरिका से हथियार और विमान खरीदने के सौदे रोक सकता है।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उनका कहना है कि वाशिंगटन डीसी के साथ रक्षा सहयोग सामान्य रूप से जारी है, और किसी सौदे को रद्द करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि अमेरिका का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत आएगा, जहां रक्षा खरीद समझौतों पर आगे की चर्चा होगी। इस दौरान भारतीय नौसेना के लिए अमेरिका से 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर भी वार्ता होगी।
तेजस Mk1A की रणनीतिक अहमियत
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तेजस Mk1A एक हल्का, मल्टीरोल, चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे भारत में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है।
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GE के F404 इंजन इसकी गति, उड़ान क्षमता और हथियार ले जाने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
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यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें, लेजर गाइडेड बम और अन्य आधुनिक हथियार प्रणालियों को वहन कर सकता है।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तेजस Mk1A न केवल भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनेगा, बल्कि निर्यात बाजार में भी भारत के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करेगा।

















