न्यूज़ डेस्क पटना : बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अब लगभग पूरा हो गया है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक अब तक 98.2% मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन हो चुका है। बाकी बचे मतदाताओं के पास अभी भी अगले आठ दिनों तक समय है।
इस बीच, पिछले 24 दिनों में ही 18 साल पूरे करने वाले 3.28 लाख से ज्यादा युवाओं ने नए मतदाता के तौर पर पंजीकरण के लिए आवेदन दिया है। आयोग का कहना है कि 24 जून से 24 अगस्त के बीच सिर्फ 60 दिनों में ही लगभग सभी लोगों ने अपने दस्तावेज जमा कर दिए। यानी हर दिन औसतन 1.64% लोगों ने कागजात पूरे किए। अब केवल 1.8% मतदाता ही बाकी हैं, जिनके दस्तावेज जमा कराए जाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
गांव-गांव BLO और स्वयंसेवक लोगों से संपर्क कर रहे हैं ताकि कोई मतदाता छूट न जाए। आयोग को उम्मीद है कि यह काम तय समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
बिहार में इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी 243 निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ERO) और 2,976 सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (AERO) कर रहे हैं।
प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज 7.24 करोड़ मतदाताओं में से अब तक केवल 0.16% दावे और आपत्तियां आई हैं। इनमें राजनीतिक दलों के बीएलए की तरफ से 10, विधानसभा क्षेत्र के बाहर से कोई नहीं और अपने ही क्षेत्र के भीतर से 1.21 लाख से ज्यादा दावे और आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
आयोग ने बताया कि सभी दावों और आपत्तियों पर सुनवाई 25 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। अंतिम जांच के बाद बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।

















