राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री द्वारा नव-चयनित चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के साथ ही सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद तेज हो गई है। पहले चरण में 1224 डॉक्टर विभिन्न जिलों के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अपनी सेवाएं देंगे, जबकि लंबित मामलों में करीब 5191 चिकित्सकों की बहाली प्रक्रिया भी जल्द पूरी होने की बात कही गई है।
कार्यक्रम के दौरान सरकार ने साफ संकेत दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारना प्राथमिकता में है। लंबे समय से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। अब नई नियुक्तियों के बाद दूर-दराज इलाकों में ही जांच और इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मरीजों को होगा सीधा फायदा
नई तैनाती के बाद जनरल फिजिशियन के साथ-साथ कई विशेषज्ञ चिकित्सक भी अस्पतालों में उपलब्ध रहेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रेफरल की जरूरत कम होगी और मरीजों का समय तथा खर्च दोनों बचेंगे। खासकर गरीब और ग्रामीण परिवारों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है।
स्वास्थ्य बजट में भी बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के बजट में भी बड़ा इजाफा किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग का बजट बढ़ाकर लगभग 2135 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस राशि का उपयोग अस्पतालों में उपकरण, दवाओं की उपलब्धता और नई सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगी नियुक्ति प्रक्रिया
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा ताकि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मरीजों का अनुपात संतुलित हो सके। आने वाले महीनों में और भी नियुक्तियां होने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रही, तो सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा तथा निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सकती है।