भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबला: दुबई में टकराव से पहले राजनीति गरमाई

न्यूज़ डेस्क  पटना :  पहलगाम हमले के बाद पहला मैच

एशिया कप 2025 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में महामुकाबला खेला जाना है। यह मुकाबला इसलिए खास है क्योंकि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बार दोनों देशों की टीमें आमने-सामने होंगी। इस मैच पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।

ओवैसी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि “क्या इस मैच से होने वाला आर्थिक लाभ पहलगाम में मारे गए 26 निर्दोष नागरिकों की जान से अधिक महत्वपूर्ण है?”
ओवैसी ने बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर सरकार सख्त है तो पाकिस्तान से खेलने से इनकार क्यों नहीं करती।

‘क्या 26 जान से ज्यादा अहम पैसा?’

ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि –
“जब आपने कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते, बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते, तो अब यह मैच किस संदेश के लिए खेला जा रहा है? बीसीसीआई को भले ही हजारों करोड़ रुपये मिलें, लेकिन क्या यह रकम 26 जानों से ज्यादा कीमती है?”

विपक्ष ने किया बहिष्कार की मांग

कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त समेत कई विपक्षी दलों ने भारत की इस मैच में भागीदारी पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सरकार का यह फैसला उसके ही “आतंकवाद से बातचीत नहीं” वाले रुख के खिलाफ है। दत्त ने कहा कि एक ओर आप ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हैं और दूसरी ओर पाकिस्तान से क्रिकेट खेलते हैं।

See also  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिली Z+ सुरक्षा, पद छोड़ने के बाद भी रहेगा सुरक्षा घेरा

सरकार पर बढ़ा दबाव

इस महामुकाबले को लेकर अब सिर्फ खेल जगत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मुकाबला सिर्फ खेल नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का भी इम्तिहान है।

Ayush Mishra

journalist

Related Posts

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

पटना। बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षाविद और यूट्यूबर फैसल खान, जिन्हें छात्र समुदाय में “खान सर” के नाम से जाना जाता है, हाल ही में हुए फायरिंग और…

Read more

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल के क्षेत्र में प्रगति दर्ज की गई है, लेकिन जन्म के समय लड़कियों और लड़कों के अनुपात को लेकर राज्य की स्थिति…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा