मन की बात में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों, किसानों और समाजसेवियों की सराहना की

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देश के खिलाड़ियों, किसानों, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों और समाज में बदलाव लाने वाले नागरिकों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत आम लोगों के प्रयासों और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना में छिपी है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान खेल, कृषि, विज्ञान, पर्यावरण और सामाजिक सेवा जैसे कई विषयों पर चर्चा करते हुए देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

 

भारतीय धावकों की उपलब्धियों का किया जिक्र

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारतीय स्प्रिंटर्स गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के दम पर भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के प्रतियोगिताओं में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने खिलाड़ियों के समर्पण और खेल भावना को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और यह देश के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से खेलों को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील भी की।

 

आम किसानों को बताया देश की ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने आम उत्पादक किसानों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का आम अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है बल्कि विदेशों के बाजारों में भी अपनी पहचान बना रहा है।

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उन्होंने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ये किसान केवल खेती नहीं कर रहे, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय आमों की बढ़ती वैश्विक मांग किसानों की मेहनत और गुणवत्ता का प्रमाण है।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर विपणन के जरिए भारतीय कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है। किसानों की सफलता को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया।

 

पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनना होगा।

उन्होंने नागरिकों और स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वे गर्मी के मौसम में जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करें। इसके साथ ही उन्होंने जैव विविधता को बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में चल रहे अभियानों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने गंगा नदी में पाए जाने वाले डॉल्फिन संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि यह देश की प्राकृतिक धरोहर को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

विज्ञान और खगोल विज्ञान में युवाओं की रुचि बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। उन्होंने देश में खगोल विज्ञान से जुड़े संगठनों और कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ती रुचि भारत के भविष्य को मजबूत बनाएगी।

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उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़ी गतिविधियां बच्चों और युवाओं में नई ऊर्जा और जिज्ञासा पैदा करती हैं। यही जिज्ञासा आने वाले समय में नए वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं को जन्म देगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान केवल पढ़ाई का विषय नहीं है, बल्कि यह सोचने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करता है।

 

समाज सेवा की मिसाल बनीं गिरिजा अम्मा

प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका गिरिजा अम्मा की प्रेरणादायक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि गिरिजा अम्मा ने छात्रों से प्रतिदिन एक-एक रुपये का योगदान लेकर सैनिकों के लिए लाखों रुपये की सहायता राशि जुटाई।

प्रधानमंत्री ने उनके प्रयास को देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।

 

नागरिकों से की भागीदारी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से आग्रह किया कि वे समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का छोटा योगदान भी देश के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।

उन्होंने युवाओं, किसानों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत की प्रगति सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की सफलता केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से तय होती है। इसी भावना के साथ उन्होंने लोगों से सकारात्मक सोच और समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।

Reference The Hindu

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