पटना |
बिहार सहित पूरे देश में प्रस्तावित जनगणना 2027 की प्रक्रिया अब जमीन पर उतरने जा रही है। शुक्रवार से इसके पहले चरण की शुरुआत हो रही है, जिसमें आम नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका दिया जाएगा। यह पहल न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि लोगों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी।
सरकार द्वारा शुरू की गई इस स्व-गणना व्यवस्था के तहत नागरिक एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह सुविधा सीमित समय के लिए उपलब्ध रहेगी, जिसके दौरान लोग अपने घर-परिवार से जुड़ी जरूरी जानकारी भर सकेंगे।
क्या है स्व-गणना प्रक्रिया?
इस बार की जनगणना में डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दी गई है। लोग घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा और फिर एक-एक कर सभी सवालों के जवाब देने होंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ डेटा संग्रहण को अधिक सटीक बनाएगी। साथ ही इससे सरकारी कर्मचारियों पर भी दबाव कम होगा
एक हफ्ते में पूरा होगा मकान सूचीकरण
राज्य में मकानों की सूची तैयार करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाए। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे।
बताया गया है कि मई के अंत तक गणनाकार हर घर तक पहुंचेंगे और आवश्यक विवरण जुटाएंगे। इस दौरान पहले से दर्ज जानकारी का सत्यापन भी किया जाएगा।
33 सवालों के जरिए जुटेगी जानकारी
इस जनगणना में नागरिकों को कुल 33 सवालों का जवाब देना होगा। इन सवालों के जरिए परिवार की संरचना, शिक्षा, रोजगार, घर की स्थिति, जल एवं स्वच्छता, ऊर्जा के स्रोत और घरेलू सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली जाएगी।
कुछ प्रमुख जानकारियाँ इस प्रकार होंगी:
मकान का प्रकार और उपयोग
परिवार के सदस्यों की संख्या
शिक्षा और रोजगार की स्थिति
पेयजल और शौचालय की उपलब्धता
बिजली और ईंधन के स्रोत
घर में मौजूद उपकरण जैसे टीवी, मोबाइल, वाहन आदि
इन सवालों का उद्देश्य सरकार को विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध कराना है।
पोर्टल पर खुद दर्ज कर सकेंगे जानकारी
सरकार ने एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जहां लोग अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे लोगों को अपनी जानकारी सही तरीके से दर्ज करने का मौका मिलेगा और किसी तरह की गलती की संभावना भी कम होगी
बड़ी संख्या में कर्मियों की तैनाती
पटना समेत पूरे बिहार में जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए हजारों कर्मियों को लगाया गया है। इनमें गणनाकार, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल हैं। सभी को प्रशिक्षण देकर इस कार्य के लिए तैयार किया गया है।
महत्वपूर्ण तिथियां
17 अप्रैल से: स्व-गणना की शुरुआत
मई के अंत तक: घर-घर जाकर सत्यापन
2027 में: मुख्य जनगणना प्रक्रिया पूर्ण
क्यों है यह जनगणना खास?
इस बार की जनगणना कई मायनों में खास मानी जा रही है। पहली बार डिजिटल और स्व-गणना का इतना बड़ा प्रयोग किया जा रहा है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
आम लोगों के लिए क्या है संदेश?
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सही जानकारी दर्ज करें। यह न केवल उनकी जिम्मेदारी है, बल्कि राज्य और देश के विकास में उनका योगदान भी है।
बिहार में जनगणना 2027 की शुरुआत एक नए और आधुनिक तरीके से हो रही है। डिजिटल माध्यम और लोगों की भागीदारी से यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। अब यह नागरिकों पर निर्भर करता है कि वे इसमें कितनी जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ हिस्सा लेते हैं।