
आमस : रामनवमी के पावन अवसर पर आमस प्रखंड इस वर्ष भक्ति, उत्साह और परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। क्षेत्र में भव्य शोभा यात्रा और बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माहौल को पूरी तरह राममय बना दिया। हर तरफ जय श्रीराम के उद्घोष, भगवा ध्वज और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा।

यह भव्य शोभा यात्रा चंडीस्थान देवी मंडप के प्रांगण से प्रारंभ हुई। पारंपरिक विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा आगे बढ़ी, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार युवा, पैदल चल रहे श्रद्धालु, और झांकियों के साथ चल रहे दल शामिल थे। यात्रा चंडीस्थान से निकलकर अकौना मोड़ होते हुए नारायणपुर और आमस बाजार के मुख्य मार्गों से गुजरी। रास्ते भर लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया ।

यात्रा के दौरान अनुशासन और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए, वहीं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण झंडा मिलन शोभा यात्रा भी रही। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चंडीस्थान के आसपास के करीब 10 गांवों से श्रद्धालु अपने-अपने गांवों का ध्वज लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। यह झंडा मिलन कार्यक्रम आपसी एकता, श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक है। सभी गांवों के झंडे चंडीस्थान पहुंचकर एक साथ मिलाए गए, जिससे एकता और भाईचारे का संदेश पूरे क्षेत्र में प्रसारित हुआ।

झंडा मिलन के दौरान युवाओं द्वारा लाठी भांजने का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। जोश और उमंग से भरे इन प्रदर्शनों ने कार्यक्रम को और भी रोमांचक बना दिया। दर्शक इस पारंपरिक कला को देखकर उत्साहित नजर आए और पूरे आयोजन में जोश का माहौल बना रहा।
पूरे कार्यक्रम का संचालन रॉबिन सिंह की अध्यक्षता में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में कमिटी के सदस्यों की अहम भूमिका रही, जिसमें अजित मिश्रा, रौशन गुप्ता, अमरेंद्र कुमार सिंह, शेखर चौरसिया, आयुष मिश्रा सहित कई अन्य सदस्यों ने मिलकर बेहतरीन समन्वय किया। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
समापन समारोह में कमिटी द्वारा विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों और अध्यक्षों को तलवार और गमछा देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके योगदान और सहभागिता के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक था। इसके साथ ही आमस थानाध्यक्ष धनंजय सिंह, बीडीओ नीरज कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस भव्य आयोजन में प्रशासन की सक्रियता और तत्परता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। पुलिस बल और प्रशासनिक टीम पूरे समय मुस्तैद रही, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना नहीं हुई।

कुल मिलाकर, आमस प्रखंड में आयोजित यह रामनवमी शोभा यात्रा और झंडा मिलन कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत किया। यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए एक प्रेरणा बनकर रहेगा और क्षेत्र के लोगों के दिलों में इसकी याद लंबे समय तक बनी रहेगी।





