कच्चे माल की महंगाई का असर: एसी, कूलर और फ्रिज की कीमतों में तेज़ उछाल

पटना

गर्मी का मौसम शुरू होते ही जहां लोग राहत के लिए एसी, कूलर और फ्रिज की खरीदारी में जुट जाते हैं, वहीं इस बार बाजार से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने इन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को पहले के मुकाबले काफी महंगा कर दिया है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, क्रूड ऑयल और हीलियम गैस जैसी जरूरी सामग्रियों की आपूर्ति में कमी आई है, जिससे प्लास्टिक और कूलिंग सिस्टम से जुड़े उपकरणों की लागत बढ़ गई है। यही वजह है कि कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

 

कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी

बाजार में एसी, फ्रिज और कूलर जैसे उत्पादों की कीमतों में औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां कंपनियां सीमित दाम बढ़ाती थीं, अब लगातार लागत बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी से बदलाव किया जा रहा है।

पटना के एक इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी ने बताया कि कंपनियों की ओर से उत्पादन लागत में वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है। इसके चलते थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर कीमतें ऊपर जा रही हैं।

 

तांबा, स्टील और एल्युमिनियम भी महंगे

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तांबा, स्टील, एल्युमिनियम और अन्य धातुओं की कीमतों में भी उछाल देखा गया है। इसके अलावा, मेमोरी चिप्स और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की लागत बढ़ने से कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बना है। वैश्विक बाजार में इन कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से भारत में भी इसका असर साफ नजर आ रहा है।

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बीईई स्टार रेटिंग नियमों का भी प्रभाव

ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा लागू किए गए नए बीईई (Bureau of Energy Efficiency) नियम भी कीमतों में वृद्धि का एक कारण बने हैं। जनवरी 2026 से नई स्टार रेटिंग व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत कंपनियों को अपने उत्पादों में बदलाव करना पड़ रहा है। इससे उत्पादन लागत बढ़ी है और उसका असर कीमतों पर दिख रहा है।

 

रुपये की कमजोरी से बढ़ा आयात खर्च

डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयातित सामान महंगा हो गया है। कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स विदेशों से मंगाए जाते हैं, जिनकी कीमत अब पहले से ज्यादा हो गई है। इससे कंपनियों की लागत और बढ़ गई है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर डाला जा रहा है।

 

गर्मी में बढ़ती मांग, लेकिन जेब पर असर

गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और फ्रिज की मांग तेजी से बढ़ती है, लेकिन इस बार कीमतें बढ़ने के कारण कई ग्राहक खरीदारी को लेकर सोच-विचार कर रहे हैं। कुछ लोग पुराने उपकरणों से ही काम चला रहे हैं, जबकि कुछ बजट के अनुसार छोटे विकल्प तलाश रहे हैं।

 

आगे और बढ़ सकते हैं दाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल की कीमतों में कमी नहीं आती और वैश्विक आपूर्ति की स्थिति सुधरती नहीं है, तो आने वाले महीनों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और महंगे हो सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को और ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।

 

कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां मिलकर घरेलू बाजार को प्रभावित कर रही हैं। एसी, कूलर और फ्रिज जैसे जरूरी उपकरण अब आम आदमी के लिए पहले जितने सुलभ नहीं रह गए हैं। आने वाले समय में बाजार की स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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Reference Hindustan

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