राज्य में इंटर पास 65 हजार बेटियों के सामने कॉलेज में नामांकन की बड़ी चुनौती

पटना : राज्य में इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने वाली हजारों छात्राओं के सामने उच्च शिक्षा की राह आसान नहीं दिख रही है। आंकड़ों के अनुसार करीब 65 हजार बेटियों को कॉलेजों में दाखिला पाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। सीटों की कमी, सीमित संसाधन और कुछ कॉलेजों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो रही है।

 

कॉलेजों में सीमित सीटें बनी बड़ी वजह

शिक्षा विभाग से जुड़े जानकार बताते हैं कि राज्य के कई कॉलेजों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय की सीटें बहुत कम हैं, जबकि इन विषयों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अधिकांश छात्राओं को मनपसंद विषय में नामांकन नहीं मिल पाता। कई बार उन्हें दूर के कॉलेजों का रुख करना पड़ता है या फिर विषय बदलना पड़ता है।

 

2023 में कई कॉलेजों में नहीं हुआ नामांकन

रिपोर्ट के अनुसार 2023 में लगभग 25 प्रतिशत कॉलेज ऐसे रहे जहां बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर नामांकन हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की अनुपलब्धता और विषयों की सीमित उपलब्धता है। अगर इन कॉलेजों को मजबूत किया जाए तो बड़ी संख्या में छात्राओं को स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाई का मौका मिल सकता है।

 

ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को ज्यादा परेशानी

ग्रामीण इलाकों की बेटियों के लिए यह समस्या और भी कठिन हो जाती है। कई गांवों में पास में कॉलेज नहीं होने से छात्राओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन और सुरक्षा की चिंता के कारण कई परिवार बेटियों को दूर पढ़ने भेजने से हिचकते हैं। इससे कई प्रतिभाशाली छात्राएं आगे की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं।

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डिजिटल साधनों का असर भी सामने आया

कुछ शिक्षाविदों का कहना है कि आज के समय में पढ़ाई के लिए मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है, लेकिन सभी छात्राओं को समान रूप से डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिनके पास संसाधन कम हैं, वे प्रवेश प्रक्रिया और जानकारी से भी कई बार पीछे रह जाती हैं।

 

समाधान के लिए उठ रहे सवाल

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या के समाधान के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम जरूरी हैं:

. कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए

. विज्ञान और वाणिज्य विषयों के नए सेक्शन खोले जाएं

. ग्रामीण क्षेत्रों में नए कॉलेज या अध्ययन केंद्र शुरू किए जाएं

. पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो

 

बेटियों की पढ़ाई को मिलना चाहिए मजबूत आधार

आज के दौर में बेटियों की शिक्षा समाज के विकास की कुंजी मानी जाती है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार और शिक्षा संस्थान मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे इंटर पास करने वाली हर छात्रा को आगे पढ़ने का अवसर मिल सके। अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो हजारों बेटियों का भविष्य बेहतर बन सकता है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

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