लंदन,
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में आयोजित प्रतिष्ठित BAFTA Awards समारोह इस बार भारतीय रंग में रंगा नजर आया। बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt ने मंच पर आते ही “नमस्कार” कहकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक साधारण-सा अभिवादन, लेकिन उसके पीछे भारतीय संस्कृति का अपनापन था—और यही बात दर्शकों के दिलों को छू गई।
समारोह के दौरान आलिया ने “बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म” श्रेणी का पुरस्कार प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी बात हिंदी में शुरू करते हुए कहा कि फिल्मों की भाषा अलग-अलग हो सकती है, मगर भावनाएं एक ही होती हैं। उनका यह अंदाज वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और दर्शकों के लिए खास अनुभव बन गया। सभागार में तालियों की गूंज से साफ था कि यह पल सिर्फ एक औपचारिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक था।
सोशल मीडिया पर भी छाया भारतीय अंदाज
कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी यह छोटी-सी पहल चर्चा का विषय बन गई। लोगों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी बोलना सिर्फ गर्व का पल नहीं, बल्कि भारतीय पहचान को सम्मान देने जैसा है। कई प्रशंसकों ने लिखा कि आलिया ने दिखा दिया कि ग्लोबल स्टार बनने का मतलब अपनी जड़ों को भूलना नहीं होता।
सिनेमा को बताया “साझा भाषा”
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा दुनिया के लोगों को जोड़ने का माध्यम है। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के बावजूद फिल्में भावनाओं के जरिए लोगों को करीब लाती हैं। यही कारण है कि भारतीय फिल्में अब दुनिया भर में देखी और सराही जा रही हैं।
दिग्गज कलाकार को श्रद्धांजलि
समारोह में भारतीय सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता Dharmendra को भी विशेष रूप से याद किया गया। उनके लंबे फिल्मी योगदान का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत के कई प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मान दिया। इस उल्लेख ने भारतीय दर्शकों को भावुक कर दिया, क्योंकि दशकों से उनकी फिल्मों ने लाखों लोगों का मनोरंजन किया है।
भारतीय फिल्म ने भी बनाई पहचान
सिर्फ आलिया ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की मौजूदगी भी इस मंच पर दर्ज हुई। Farhan Akhtar की कंपनी Excel Entertainment द्वारा निर्मित मणिपुरी फिल्म Boong ने “बेस्ट चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म” श्रेणी में पुरस्कार जीतकर भारत का नाम रोशन किया। यह जीत दर्शाती है कि क्षेत्रीय भारतीय कहानियां भी अब वैश्विक दर्शकों तक पहुंच रही हैं।
एक छोटा शब्द, बड़ा संदेश
पूरे कार्यक्रम में आलिया भट्ट का “नमस्कार” शायद कुछ सेकंड का पल था, लेकिन उसने यह याद दिला दिया कि अपनी भाषा और संस्कृति का सम्मान ही असली पहचान है। ग्लैमर और रोशनी से भरे उस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय परंपरा की सादगी ने सबका दिल जीत लिया—और यही उस शाम की सबसे खूबसूरत बात रही।

















