भारत में खेल व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय अब राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) में आईटी विशेषज्ञों और तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति करने जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेल प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाना है, ताकि भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, खासकर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, के लिए भारत बेहतर तैयारी कर सके।
सरकार की यह नई योजना नेशनल स्पोर्ट्स डिजिटल इकोसिस्टम के अंतर्गत लागू की जाएगी। इसके जरिए खेल संगठनों में डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा और खिलाड़ियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन एवं व्यवस्थित बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे खिलाड़ियों, कोचों और खेल अधिकारियों के बीच तालमेल मजबूत होगा और खेल गतिविधियों की निगरानी भी आसान हो जाएगी।
केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने इस पहल को भारतीय खेल ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि देश को वैश्विक खेल मंच पर मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि डिजिटल व्यवस्था आने से प्रतियोगिताओं की योजना बनाने, प्रशिक्षण शिविरों के संचालन और खिलाड़ियों की भागीदारी को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत आईटी सलाहकार विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ मिलकर डेटा प्रबंधन, खिलाड़ी प्रदर्शन विश्लेषण, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम को विकसित करेंगे। इससे खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रशिक्षण से जुड़े आंकड़े एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक खेल जगत का सबसे बड़ा आधार बनने वाली है। विश्व स्तर पर कई देशों ने पहले ही डिजिटल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सिस्टम अपनाकर अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार किया है। अब भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का यह कदम खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और खेल संगठनों की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखते हुए सरकार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। डिजिटल इकोसिस्टम लागू होने से न केवल खिलाड़ियों की तैयारी बेहतर होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की खेल छवि भी मजबूत होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले समय में भारतीय खेल व्यवस्था अधिक संगठित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बन सकती है। इससे युवा खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे और देश के खेल विकास को नई गति मिलेगी।
Reference Akashvani