गुरुग्राम ज़मीन सौदा: रॉबर्ट वाड्रा पर 58 करोड़ रुपये के अवैध लाभ का आरोप

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रॉबर्ट वाड्रा पर गुरुग्राम ज़मीन सौदे में अनियमितताओं के आरोप

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में ज़मीन लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी सूत्रों का कहना है कि वाड्रा ने संदिग्ध सौदों के ज़रिए लगभग 58 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ कमाया। यह धनराशि कथित तौर पर उनकी कंपनियों स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (SLHPL) और ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (BBTPL) के माध्यम से स्थानांतरित हुई और फिर इसे संपत्ति, निवेश तथा आलीशान जीवनशैली पर खर्च किया गया।

पूछताछ में मृत सहयोगियों पर आरोप

15 और 16 अप्रैल 2025 को हुई पूछताछ के दौरान वाड्रा ने सीधे उत्तर देने से बचते हुए कथित तौर पर तीन दिवंगत सहयोगियों — एच.एल. पाहवा, राजेश खुराना और महेश नागर — पर ज़िम्मेदारी डाल दी। उनका कहना था कि ये लोग उनकी ओर से लेनदेन करते थे। हालांकि, ईडी द्वारा साक्ष्य मांगे जाने पर वे कोई दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाए।

शिकोहपुर भूमि घोटाले का मामला

यह विवाद सितंबर 2018 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें वाड्रा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, डीएलएफ लिमिटेड और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार:

  • SLHPL ने शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ ज़मीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी, जबकि इसकी वास्तविक कीमत इससे कहीं अधिक थी।

  • स्टाम्प ड्यूटी (45 लाख रुपये) बचाने के लिए भुगतान को चेक द्वारा दिखाया गया, जिसे कभी भुनाया नहीं गया।

  • आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रभाव से ज़मीन को व्यावसायिक आवास लाइसेंस दिलाने के बाद यह ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़ से डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी गई।

लाइसेंसिंग में कथित अनियमितताएँ

ईडी का कहना है कि लाइसेंस आवेदन में 3.53 एकड़ ज़मीन दर्शाई गई, जबकि वास्तव में केवल 1.35 एकड़ भूमि ही व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त थी। नियमों को दरकिनार कर सेक्टर रोड की ज़मीन को भी शामिल किया गया। पुराने दस्तावेज़ों में तारीख बदलने और साइट मैप्स में संशोधन के सबूत भी सामने आए हैं।

धन का कथित उपयोग

ईडी के मुताबिक, 58 करोड़ रुपये में से लगभग 5 करोड़ रुपये BBTPL के माध्यम से और शेष 53 करोड़ रुपये SLHPL के जरिए प्राप्त हुए। इनका उपयोग संपत्ति खरीदने, निवेश करने और कंपनी के ऋण चुकाने में किया गया।

Ayush Mishra

journalist

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