पटना,
राज्य की राजधानी पटना में बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नगर विकास एवं आवास तथा पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पटना मेट्रो से जुड़े लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। खासतौर पर जिन हिस्सों में काम धीमा चल रहा है, वहां तत्काल सुधार लाने पर जोर दिया गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो परियोजना सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों को सुरक्षित व तेज़ आवागमन का विकल्प मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए।
अधूरे कार्यों पर फोकस
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि परियोजना के कुछ हिस्सों में काम अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
शहरी विकास योजनाओं को भी मिलेगी रफ्तार
बैठक में केवल मेट्रो ही नहीं, बल्कि शहरी विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई, जलापूर्ति और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का विस्तार जरूरी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द घर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर आवास मिलना सरकार की प्राथमिकता है।
गंगा किनारे विकास कार्य तेज करने के निर्देश
बैठक में गंगा नदी के तट पर चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि गंगा पथ और अन्य परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि शहर को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया जा सके।
पंचायत स्तर तक निगरानी
पंचायती राज विभाग के तहत चल रही योजनाओं की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए और योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया।
पटना मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार का रुख अब और सख्त और सक्रिय नजर आ रहा है। यदि निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो आने वाले समय में राजधानी के लोगों को एक आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिल सकती है। साथ ही, शहरी और ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं में भी तेजी आने की उम्मीद है।
Reference Hindustan