शांत गांव, खामोश घर और 20,000 कॉल्स: बिहार में इंटरनेशनल Cyber रैकेट का पर्दाफाश

बिहार के एक गांव से खुला हाई-टेक साइबर जाल, हर कॉल बन सकता है आपके लिए खतरा

News Desk: बिहार के भोजपुर जिले का एक शांत-सा गांव भलुनी, जो अब तक अपनी ग्रामीण पहचान के लिए जाना जाता था, अचानक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के नक्शे पर आ गया है। जांच एजेंसियों ने यहां एक ऐसे साइबर नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसने यह साबित कर दिया कि साइबर अपराध अब शहरों तक सीमित नहीं रहे — यह गांव-गांव तक पहुंच चुका है।

तीन दिन में 20 हजार कॉल, यहीं से टूटी चुप्पी

जांच एजेंसियों की चिंता उस वक्त बढ़ी जब नरायनपुर थाना क्षेत्र से महज तीन दिनों में 20,000 से ज्यादा कॉल्स रिकॉर्ड की गईं। सीमित आबादी वाले इलाके से इतनी बड़ी संख्या में कॉल्स होना सामान्य नहीं था। तकनीकी विश्लेषण ने साफ कर दिया कि यह कोई साधारण कॉलिंग नहीं, बल्कि सुनियोजित साइबर ठगी का हिस्सा है।

एक घर, लेकिन पूरा साइबर सिस्टम

छापेमारी के दौरान गांव के एक मकान से सिम बॉक्स सिस्टम बरामद किया गया। यही सिस्टम विदेशी इंटरनेट कॉल्स को भारतीय लोकल नंबर में बदल रहा था। इस तकनीक की वजह से कॉल रिसीव करने वाले लोगों को लगता था कि फोन भारत से आ रहा है, जबकि असल में कॉल कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के साइबर ठिकानों से हो रही थी।

सिम बॉक्स: साइबर ठगों का सबसे खतरनाक हथियार

सिम बॉक्स तकनीक में दर्जनों नहीं, सैकड़ों सिम कार्ड एक साथ लगाए जाते हैं। इससे अपराधी एक साथ हजारों कॉल कर सकते हैं, वो भी बिना अपनी असली पहचान उजागर किए। यही वजह है कि बैंक फ्रॉड, KYC अपडेट, डिजिटल अरेस्ट और लॉटरी जैसे स्कैम इतनी आसानी से लोगों को फंसा लेते हैं।

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मुख्य आरोपी फरार, जांच तेज

जांच में मुकेश कुमार को इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताया गया है। एजेंसियों के अनुसार उसी के घर से पूरा सिस्टम चलाया जा रहा था। छापेमारी के वक्त वह फरार था, जबकि उसकी पत्नी मौके पर मौजूद थी। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और स्थानीय पुलिस मिलकर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

दो साल से चल रहा था खेल

जांच में सामने आया है कि यह साइबर कांड कम से कम दो वर्षों से सक्रिय था। यानी इतने लंबे समय से अनगिनत लोग ठगी का शिकार बन चुके होंगे — और उन्हें पता तक नहीं चला कि फोन कहां से आया था।

गांव से ग्लोबल नेटवर्क तक

यह मामला बताता है कि साइबर अपराधी अब गांवों को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां शक कम होता है और निगरानी ढीली रहती है। एक साधारण-सा दिखने वाला घर पूरे देश के लिए खतरा बन सकता है।

आम लोगों के लिए सख्त चेतावनी

यह खबर सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि चेतावनी है।
अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए —
• KYC अपडेट के नाम पर
• बैंक अकाउंट बंद करने की धमकी
• इनाम या लॉटरी का लालच
• खुद को पुलिस या अधिकारी बताकर डराना

तो समझ जाइए — यह साइबर जाल हो सकता है।
किसी भी हालत में OTP, बैंक डिटेल या निजी जानकारी साझा न करें।

साइबर अपराध अब दूर की चीज़ नहीं रहा, यह आपके फोन तक पहुंच चुका है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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