महिला आरक्षण पर सियासी टकराव तेज, संसद में बढ़ी बहस

देश की राजनीति में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। संसद में इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विधेयक को लागू करने में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए विपक्ष की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

विपक्ष का आरोप: सरकार गंभीर नहीं

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा तो किया, लेकिन इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए। उनका आरोप है कि विधेयक पारित होने के बाद भी इसे प्रभावी बनाने में जानबूझकर देरी की जा रही है।

कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि इस कानून को तुरंत लागू किया जाए ताकि लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। उनका कहना है कि अगर सरकार संशोधन लाती है, तो वे उसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

 

भाजपा का जवाब: विपक्ष फैलाता है भ्रम

वहीं, सत्तारूढ़ दल भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है, जबकि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट और सकारात्मक है।

See also  धर्म के आधार पर कल्याण नहीं: समानता और संविधान पर उठे अहम सवाल

 

प्रियंका गांधी का बयान: लागू करने की जरूरत

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की 543 लोकसभा सीटों पर इसे लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए।

उनका कहना है कि अगर सरकार इस दिशा में कोई पहल करती है, तो विपक्ष पूरा सहयोग देगा।

 

राहुल गांधी का आरोप: राजनीतिक रणनीति का हिस्सा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में देरी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

 

राजनीतिक माहौल गरमाया

महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर जारी इस राजनीतिक खींचतान ने संसद से लेकर जनता के बीच बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर जहां विपक्ष इसे महिलाओं के अधिकारों का मामला बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करार दे रहा है।

 

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश में उम्मीदें और बहस दोनों जारी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस दिशा में कब और क्या कदम उठाती है, और क्या यह मुद्दा आने वाले चुनावों में भी प्रमुख भूमिका निभाएगा।

Related Posts

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

पटना। बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षाविद और यूट्यूबर फैसल खान, जिन्हें छात्र समुदाय में “खान सर” के नाम से जाना जाता है, हाल ही में हुए फायरिंग और…

Read more

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल के क्षेत्र में प्रगति दर्ज की गई है, लेकिन जन्म के समय लड़कियों और लड़कों के अनुपात को लेकर राज्य की स्थिति…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा