रक्षाबंधन 2025: भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र बंधन का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया गया

रक्षाबंधन का महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत एक ऐसा देश है जहां त्योहार केवल धार्मिक मान्यताओं से जुड़े नहीं होते, बल्कि उनमें भावनाओं, रिश्तों और समाज की एकता का भी संदेश छुपा होता है। रक्षाबंधन इन्हीं विशेष त्योहारों में से एक है। यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को प्रेम, स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी के धागे में पिरो देता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी, जब उन्होंने उनकी लाज की रक्षा की थी। एक अन्य कथा में, जब देवासुर संग्राम में भगवान इंद्र को हार का भय था, तब उनकी पत्नी शचि ने रक्षा सूत्र बांधकर उनकी विजय की प्रार्थना की थी। यही परंपरा आगे चलकर रक्षाबंधन के रूप में स्थापित हुई।


2025 में रक्षाबंधन की तारीख और शुभ मुहूर्त

इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 को श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 8:05 बजे से शाम 6:50 बजे तक था। भद्राकाल समाप्त होने के बाद पूरे दिन भाई-बहन ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए पर्व का आनंद लिया।


देशभर में उल्लास का माहौल

त्योहार से एक दिन पहले से ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई थी। राखी की दुकानों पर अलग-अलग डिज़ाइन की राखियां सजी हुई थीं — पारंपरिक मोली राखी से लेकर आकर्षक स्टोन वर्क, बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां, और पर्यावरण-हितैषी बीज वाली राखियां भी लोगों का ध्यान खींच रही थीं। मिठाई की दुकानों में लड्डू, बरफ़ी, रसगुल्ला और सोहन पापड़ी की खुशबू चारों ओर फैली हुई थी।

See also  आमस वासियों ने पारंपरिक अंदाज़ में मनाई होली, गीत-संगीत और पुआ-पकवान से गूंजा माहौल

रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़ देखी गई। लोग दूर-दराज के शहरों से अपने घर लौट रहे थे, ताकि इस खास दिन पर अपने भाई-बहन के साथ समय बिता सकें। कई परिवारों ने इस मौके पर छोटे-छोटे पारिवारिक समारोह भी आयोजित किए।


आधुनिक युग में रक्षाबंधन का रूप

हालांकि समय के साथ जीवनशैली बदल गई है, लेकिन रक्षाबंधन का महत्व आज भी उतना ही है। आजकल कई भाई-बहन काम, पढ़ाई या विदेश में बसने के कारण एक ही जगह मौजूद नहीं होते। ऐसे में वीडियो कॉल, ई-राखी और ऑनलाइन गिफ्ट डिलीवरी ने इस पर्व को नई दिशा दी है। कई कंपनियों ने विशेष “रक्षाबंधन गिफ्ट हैम्पर” भी लॉन्च किए, जिसमें मिठाइयों, चॉकलेट्स और पर्सनलाइज्ड गिफ्ट्स का समावेश था।


नेताओं और प्रसिद्ध व्यक्तियों की शुभकामनाएँ

रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और प्रेम का प्रतीक है, जो हमारे समाज को एकजुट करता है।”
वहीं, कई राज्यपाल, मुख्यमंत्री और फिल्मी जगत के सितारों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने भाई-बहनों के साथ तस्वीरें साझा कीं और अपने अनुयायियों को बधाई दी।


सैनिकों और समाजसेवकों को राखी

देश के कई हिस्सों में बहनों ने सीमाओं पर तैनात सैनिकों को राखी भेजी। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों ने सैनिकों के नाम पत्र और राखियां तैयार कीं, जिन्हें डाक के माध्यम से भेजा गया। यह पहल न केवल सैनिकों के मनोबल को बढ़ाती है, बल्कि त्योहार के “सुरक्षा” के संदेश को भी जीवंत करती है।
कुछ स्थानों पर पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया, वहीं अन्य जगहों पर जल संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों के समर्थकों को राखी बांधकर जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया।

See also  चंडीस्थान दुर्गा मंडप में कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ शारदीय नवरात्र

सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन का क्रेज़

सुबह से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स — फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और व्हाट्सऐप — पर भाई-बहन की तस्वीरें और वीडियो छा गए। #RakshaBandhan2025, #RakhiCelebration, और #SiblingLove जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई लोगों ने अपने बचपन की यादें साझा कीं, तो कुछ ने अपने भाई-बहन के लिए इमोशनल नोट लिखे। मशहूर हस्तियों के पोस्ट्स ने लाखों लाइक्स और कमेंट्स बटोरे।


आर्थिक पहलू और व्यापार में उछाल

त्योहारों का सीधा असर बाजार पर भी देखा गया। कन्फेक्शनरी, गिफ्ट शॉप्स, ज्वेलरी शोरूम और कपड़ों की दुकानों में बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ। ई-कॉमर्स कंपनियों ने भी राखी और गिफ्ट आइटम्स की ऑनलाइन बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी दर्ज की।
फूलों के गुलदस्ते और चॉकलेट बास्केट जैसे आधुनिक तोहफे भी इस बार खासे लोकप्रिय रहे।


पारिवारिक मिलन और भावनाओं का उत्सव

रक्षाबंधन का सबसे सुंदर पहलू यह है कि यह केवल भाई-बहन का रिश्ता मजबूत नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को एक साथ लाता है। दिनभर भाई-बहन के बीच हंसी-मज़ाक, बचपन की कहानियां, और एक-दूसरे को चिढ़ाने के प्यारे पल माहौल को खुशनुमा बना देते हैं।
शाम को परिवार के सदस्य एक साथ भोजन करते हैं, पारंपरिक व्यंजन जैसे पूरी-आलू दम, कढ़ी-चावल, और मालपुआ का स्वाद लेते हैं।

Ayush Mishra

journalist

Related Posts

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

पटना। बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षाविद और यूट्यूबर फैसल खान, जिन्हें छात्र समुदाय में “खान सर” के नाम से जाना जाता है, हाल ही में हुए फायरिंग और…

Read more

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर, बिहार: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित एक निजी अस्पताल में गुरुवार तड़के लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में अचानक…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

खान सर फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई, कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

महाराष्ट्र में जन्म के समय लिंगानुपात चिंता का विषय, सुधार के बावजूद राष्ट्रीय औसत से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% GDP वृद्धि का अनुमान, भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूत रफ्तार

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने का दिन

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 5 मरीजों की मौत, कई घायल

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा

मारुति सुजुकी ने पेश की भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, एथेनॉल आधारित तकनीक से मिलेगी नई दिशा