मछली समोसे से बदली तकदीर: मुजफ्फरपुर की महिलाओं ने बनाई नई पहचान

मुजफ्फरपुर, बिहार:

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने स्थानीय रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सोच को भी नई दिशा दी है। पहले केवल मछली पालन तक सीमित रहने वाली ये महिलाएँ अब मछली से बने व्यंजनों का व्यवसाय कर रही हैं और “फिश समोसा” उनके लिए सफलता का प्रतीक बन गया है।

 

जिले के अलग-अलग इलाकों में बने पांच महिला मछली उत्पादक समूहों ने पारंपरिक सोच से हटकर काम शुरू किया। उन्होंने मछली को सिर्फ बेचने के बजाय उससे समोसा, कटलेट जैसे स्नैक्स बनाना शुरू किया। शुरुआत में यह एक छोटा प्रयोग था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को इसका स्वाद पसंद आने लगा और मांग बढ़ती चली गई।

 

करीब दो साल पहले तक इन महिलाओं की कोई स्थायी आमदनी नहीं थी। घर-परिवार तक सीमित रहने वाली कई महिलाएँ आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर थीं। मगर प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने सामूहिक रूप से काम शुरू किया और आज उनका कारोबार सालाना लगभग 10 लाख रुपये के आसपास पहुँच चुका है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है बल्कि परिवार में उनका सम्मान भी पहले से अधिक हुआ है।

 

मड़वन, सरैया और मोतीपुर क्षेत्रों की महिलाएँ समूह बनाकर उत्पादन कर रही हैं। वे रोजाना बड़ी मात्रा में मछली समोसा और कटलेट तैयार करती हैं। स्थानीय बाजारों, मेलों और ऑर्डर के जरिए इनकी बिक्री हो रही है। लोगों को पारंपरिक समोसे से अलग स्वाद मिलने के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।

समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें साफ-सफाई, मसाले का संतुलन, पैकिंग और बिक्री की जानकारी शामिल थी। अब उनकी एक टीम दूसरे शहरों—यहां तक कि दिल्ली—में भी जाकर अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएँ इस काम से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

See also  बिहार में टीबी से मौतें घटीं, इलाज की सफलता दर बढ़ी

 

गांव फंदा की रीना देवी और मड़वापाकर की रूबी देवी बताती हैं कि पहले वे घर के कामों तक ही सीमित थीं, लेकिन आज वे खुद कमाकर परिवार का सहयोग कर रही हैं। उनकी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं।

 

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। एक ओर जहां पौष्टिक भोजन लोगों तक पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह प्रयास अब एक सफल उद्यम का रूप ले चुका है और आने वाले समय में यह मॉडल अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।

 

मानवीय पहलू:

इस कहानी की खास बात सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि आत्मविश्वास है। जिन महिलाओं ने कभी घर की चौखट पार नहीं की थी, वे अब समूह चलाने, ग्राहकों से बात करने और प्रशिक्षण देने तक की जिम्मेदारी निभा रही हैं। “मछली समोसा” उनके लिए केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की पहचान बन गया है।

Related Posts

बिहार की 205 ट्रेनों में अब चलेंगी आधुनिक महिला बोगियां, सफर होगा ज्यादा सुरक्षित

पटना: बिहार में रेल यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने राज्य से गुजरने वाली कुल 205 ट्रेनों में विशेष आधुनिक महिला…

मेदांता अस्पताल में गरीब मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था, एक-चौथाई बेड सुरक्षित

पटना पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल को लेकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक अहम चर्चा सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अस्पताल में आर्थिक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

HPV टीकाकरण अभियान से सर्वाइकल कैंसर पर काबू पाने की तैयारी — देशभर में 14 वर्ष की किशोरियों पर फोकस

HPV टीकाकरण अभियान से सर्वाइकल कैंसर पर काबू पाने की तैयारी — देशभर में 14 वर्ष की किशोरियों पर फोकस

बिहार की 205 ट्रेनों में अब चलेंगी आधुनिक महिला बोगियां, सफर होगा ज्यादा सुरक्षित

बिहार की 205 ट्रेनों में अब चलेंगी आधुनिक महिला बोगियां, सफर होगा ज्यादा सुरक्षित

समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती: नौसेना के बेड़े में जुड़ा अत्याधुनिक युद्धपोत ‘अंजदीप’

समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती: नौसेना के बेड़े में जुड़ा अत्याधुनिक युद्धपोत ‘अंजदीप’

दिल्ली शराब नीति केस: 23 आरोपियों पर अदालत की संज्ञान, जांच एजेंसियों और सियासत के बीच तेज हुई बहस

दिल्ली शराब नीति केस: 23 आरोपियों पर अदालत की संज्ञान, जांच एजेंसियों और सियासत के बीच तेज हुई बहस

मेदांता अस्पताल में गरीब मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था, एक-चौथाई बेड सुरक्षित

मेदांता अस्पताल में गरीब मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था, एक-चौथाई बेड सुरक्षित

सेना के साथ आसमान की सैर, राष्ट्रपति की उड़ान से बढ़ा जोश

सेना के साथ आसमान की सैर, राष्ट्रपति की उड़ान से बढ़ा जोश