नई दिल्ली, 14 मई 2026:
ओमान के तट के पास एक भारतीय ध्वज वाले व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद गंभीर और अस्वीकार्य बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और आम नागरिक नाविकों को निशाना बनाना वैश्विक समुद्री कानूनों और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।
सरकारी बयान के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारत ने इस राहत और बचाव अभियान के लिए ओमान प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, ओमानी एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस प्रकार के हमले केवल किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए खतरा हैं। भारत ने दोहराया कि समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
सरकार का कहना है कि निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना या समुद्री व्यापार में बाधा डालना वैश्विक आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हिंद महासागर और अरब सागर क्षेत्र से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार गुजरता है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर डाल सकती हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार, जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सदस्यों की स्थिति सामान्य है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारत सरकार लगातार ओमान प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है ताकि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती अस्थिरता के कारण व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। खासकर पश्चिम एशिया के आसपास के समुद्री मार्गों पर तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर दिखाई दे रहा है।
वैश्विक समुदाय से सहयोग की अपील
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता और व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना के बाद आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा को लेकर कई देशों के बीच चर्चा तेज हो सकती है। भारत भी इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बढ़ती समुद्री चुनौतियों के बीच बड़ा संदेश
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब दुनिया के कई समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। भारत ने साफ संकेत दिया है कि नागरिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखना वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद आवश्यक है और इस दिशा में सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।
Reference Akashvani