पटना/सारण: बिहार सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए राजधानी पटना के पास स्थित सोनपुर इलाके में नए ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि उत्तर बिहार के आर्थिक विकास को भी तेज़ी मिलेगी।
कहाँ बनेगा एयरपोर्ट और कितना होगा बड़ा
प्रस्तावित हवाई अड्डा सारण जिले के सोनपुर के पास दियारा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 4228 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना होगी, यानी पूरी तरह नई जगह पर आधुनिक सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट तैयार किया जाएगा।
सरकार की योजना है कि आने वाले लगभग पांच वर्षों में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2030 तक यह एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार हो जाए।
बड़े विमानों की भी होगी आवाजाही
अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट का रनवे इतना लंबा और आधुनिक बनाया जाएगा कि बड़े अंतरराष्ट्रीय विमान — जैसे लंबी दूरी की उड़ान भरने वाले चौड़े बॉडी वाले एयरक्राफ्ट — भी यहाँ आसानी से उतर सकें। इससे विदेशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने का रास्ता खुलेगा और यात्रियों को दिल्ली-कोलकाता जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जमीन अधिग्रहण पर बड़ा खर्च
परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर राज्य सरकार ने करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवज़े की प्रक्रिया भी नियमों के तहत की जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी कम से कम हो।
क्यों जरूरी है नया एयरपोर्ट
पटना का मौजूदा जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट शहर के बीचों-बीच होने के कारण विस्तार की सीमाओं से जूझ रहा है। रनवे छोटा होने से बड़े विमान नहीं उतर पाते और उड़ानों की संख्या भी सीमित रहती है। नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से उत्तर बिहार, तिरहुत और सीमांचल के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
रोजगार और कारोबार को मिलेगा फायदा
एयरपोर्ट परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। होटल, ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउस, पर्यटन और छोटे व्यापार से जुड़े कामों में तेजी आएगी। स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिल सकते हैं, जिससे पलायन भी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य में लगभग 1800 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का निर्णय भी शामिल है। इन चिकित्सकों की तैनाती जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की जाएगी, जिससे ग्रामीण इलाकों में इलाज की सुविधा बेहतर हो सके।
गंगा कटाव रोकने की योजना
सरकार ने भागलपुर क्षेत्र में गंगा नदी के कटाव से प्रभावित इलाकों की सुरक्षा के लिए भी योजना को हरी झंडी दी है। इस पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि गांवों और खेती योग्य जमीन को नुकसान से बचाया जा सके।
लोगों में उम्मीद की नई किरण
सोनपुर और आसपास के गांवों में इस घोषणा के बाद उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एयरपोर्ट बनता है तो इलाके की पहचान बदलेगी, जमीन की कीमत बढ़ेगी और कारोबार के नए मौके पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, यह परियोजना सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि पूरे उत्तर बिहार के भविष्य से जुड़ी विकास योजना मानी जा रही है — जो आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर बदल सकती है।

















