बिहार में शुरू हुई स्व-जनगणना, 2 मई से घर-घर जाकर होगी गणना

पटना, :

बिहार में जनगणना प्रक्रिया को नए अंदाज में शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इस बार डिजिटल और स्व-जनगणना (Self Enumeration) की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान का शुभारंभ किया, वहीं राज्यपाल ने भी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर इस पहल को समर्थन दिया।

इस अभियान के तहत नागरिकों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का मौका दिया जा रहा है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल Se.Census.gov.in उपलब्ध कराया गया है, जहां लोग 1 मई तक अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी भर सकते हैं। इसमें आवास, सुविधाओं और परिवार के सदस्यों से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल होंगी।

 

पहले दिन ही दिखा लोगों का उत्साह

जनगणना के पहले ही दिन हजारों लोगों ने पोर्टल पर जाकर अपना डेटा दर्ज किया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस डिजिटल पहल में भागीदारी दिखाई, जो इस अभियान के प्रति जागरूकता और रुचि को दर्शाता है।

 

2 मई से शुरू होगी घर-घर गणना

जो लोग ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 2 मई से राज्यभर में घर-घर जाकर गणना की जाएगी। यह प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी, जिसमें सरकारी कर्मी प्रत्येक परिवार से संपर्क कर उनकी जानकारी एकत्र करेंगे।

 

हर परिवार को मिलेगा यूनिक आईडी

इस बार की जनगणना में हर परिवार को एक विशेष पहचान संख्या (आईडी) दी जाएगी। इस आईडी के माध्यम से परिवार का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, अगर किसी कारणवश कोई परिवार ऑनलाइन जानकारी नहीं भर पाता, तो गणनाकर्मी उनके घर पहुंचकर विवरण दर्ज करेंगे।

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विकास योजनाओं में मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उनका कहना है कि सटीक और सही आंकड़े राज्य की भविष्य की योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। जनगणना के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नीतियां तय की जाती हैं।

 

पारदर्शिता और सटीकता पर जोर

सरकार का लक्ष्य है कि इस बार की जनगणना अधिक पारदर्शी, सटीक और आधुनिक तरीके से पूरी हो। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि डेटा का विश्लेषण भी तेजी से किया जा सकेगा।

 

क्यों है यह जनगणना खास?

इस बार की जनगणना कई मायनों में अलग है—

. पहली बार बड़े स्तर पर स्व-जनगणना की सुविधा

. डिजिटल पोर्टल के जरिए आसान डेटा एंट्री

. हर परिवार को यूनिक आईडी

. तेजी और सटीकता पर विशेष ध्यान

 

कुल मिलाकर, बिहार में शुरू हुआ यह जनगणना अभियान राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। सरकार और आम जनता की साझेदारी से यह प्रयास जितना सफल होगा, उतनी ही बेहतर योजनाएं भविष्य में तैयार की जा सकेंगी।

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