अमेरिका के सिएटल में स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा का अनावरण, भारतीय संस्कृति की गूंज

न्यूयॉर्क :

अमेरिका के सिएटल शहर में भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक और युवा प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की एक भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह कार्यक्रम न केवल भारतीय समुदाय के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रभाव को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

सिएटल के व्यस्त वेस्टलेक स्क्वायर में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। खास बात यह रही कि यह प्रतिमा किसी नगर प्रशासन द्वारा स्थापित की गई अपनी तरह की पहली प्रतिमा मानी जा रही है, जो भारतीय विरासत के सम्मान को दर्शाती है।

 

संयुक्त रूप से हुआ अनावरण

इस ऐतिहासिक अवसर पर सिएटल की मेयर ब्रूस हैरेल और भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने मिलकर प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। समारोह का माहौल उत्साह और गर्व से भरा हुआ था।

 

भारतीय कलाकार की अद्भुत कृति

इस आकर्षक प्रतिमा को भारतीय कलाकार नरेश कुमार कुमावत ने तैयार किया है। कांस्य से बनी यह प्रतिमा स्वामी विवेकानंद की गरिमा, आत्मविश्वास और उनके विचारों की गहराई को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। प्रतिमा के अनावरण के समय उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।

 

भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में मानवता, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देती हैं।

See also  एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सिर्फ दावा? WhatsApp पर गंभीर आरोप

 

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

इस कार्यक्रम की जानकारी भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसके बाद यह खबर तेजी से वायरल हो गई। दुनियाभर के भारतीयों ने इस पहल की सराहना की और इसे गर्व का क्षण बताया।

 

समारोह बना सांस्कृतिक संगम

कार्यक्रम के दौरान भारतीय झंडे और सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिलीं। स्थानीय लोगों और भारतीय समुदाय के बीच एक खास जुड़ाव नजर आया, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।

 

सिएटल में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का स्थापित होना केवल एक मूर्ति का अनावरण नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत और वैश्विक पहचान का प्रतीक है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

Related Posts

लोकसभा परिसीमन पर सियासी हलचल: क्या बदलेगा देश का राजनीतिक नक्शा? दक्षिण भारत की सीटों में बढ़ोतरी के संकेत

नई दिल्ली। देश की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर परिसीमन (Delimitation) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के हालिया बयान ने इस…

Read more

The Rise of the ‘Samrat’ Era: End of Nitish’s 21-Year Reign and BJP’s Strategic Masterstroke in Bihar

PATNA: Bihar’s political landscape, renowned for its unpredictability and dramatic shifts, has reached a historic crossroads. As Samrat Choudhary took the oath as the new Chief Minister of Bihar at…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

लोकसभा परिसीमन पर सियासी हलचल: क्या बदलेगा देश का राजनीतिक नक्शा? दक्षिण भारत की सीटों में बढ़ोतरी के संकेत

लोकसभा परिसीमन पर सियासी हलचल: क्या बदलेगा देश का राजनीतिक नक्शा? दक्षिण भारत की सीटों में बढ़ोतरी के संकेत

मैच रिपोर्ट: शानदार प्रदर्शन के साथ पंजाब ने दर्ज की बड़ी जीत, हैदराबाद को मिली हार

मैच रिपोर्ट: शानदार प्रदर्शन के साथ पंजाब ने दर्ज की बड़ी जीत, हैदराबाद को मिली हार

बिहार में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के बावजूद सरकारी खरीद ठप, किसानों की बढ़ी चिंता

बिहार में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के बावजूद सरकारी खरीद ठप, किसानों की बढ़ी चिंता

बिहार में जनगणना 2027 की तैयारी तेज: आज से शुरू होगा स्व-गणना चरण, 33 सवालों के देने होंगे जवाब

बिहार में जनगणना 2027 की तैयारी तेज: आज से शुरू होगा स्व-गणना चरण, 33 सवालों के देने होंगे जवाब

बिहार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, जल्द आएगी बड़ी भर्ती

बिहार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, जल्द आएगी बड़ी भर्ती

The Rise of the ‘Samrat’ Era: End of Nitish’s 21-Year Reign and BJP’s Strategic Masterstroke in Bihar

The Rise of the ‘Samrat’ Era: End of Nitish’s 21-Year Reign and BJP’s Strategic Masterstroke in Bihar