
पटना,
राजधानी पटना में आज से बिहार दिवस का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस खास अवसर पर राज्यभर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में कला, संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए बिहार की समृद्ध विरासत को लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम का मुख्य आयोजन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में किया जा रहा है, जहां आकर्षक सजावट के साथ बड़े पैमाने पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी कई सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
इस बार के बिहार दिवस समारोह में लोक कलाकारों, गायकों और नृत्य कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। प्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे दर्शकों को बिहार की लोक संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य और नाटक भी शामिल हैं।
समारोह के दौरान खान-पान के शौकीनों के लिए विशेष फूड स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बिहार के पारंपरिक व्यंजन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। लिट्टी-चोखा, ठेकुआ और अन्य स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
इस आयोजन का उद्देश्य बिहार की कला और संस्कृति को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। साथ ही राज्य के विकास और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि ऐसे आयोजनों से राज्य की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलती है।
तीनों दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का आनंद उठा सकें।
बिहार दिवस का यह आयोजन न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह राज्य की गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी





