
हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की अचानक बढ़ी मांग के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दे रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार शनिवार को देशभर में एलपीजी रिफिल की बुकिंग घटकर लगभग 77 लाख रह गई, जबकि इससे एक दिन पहले यह संख्या करीब 88.8 लाख थी। यह गिरावट इस बात का संकेत मानी जा रही है कि लोगों के बीच फैली घबराहट में खरीदारी (पैनिक-बायिंग) अब कम हो रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सभी आवश्यक ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों के मुताबिक देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार भी मौजूद है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रही हैं काम
केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भारत की सभी घरेलू रिफाइनरियां उच्च स्तर पर उत्पादन कर रही हैं। पेट्रोल और डीज़ल के उत्पादन में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात की जरूरत नहीं पड़ रही है। अधिकारियों ने कहा कि देश ऊर्जा के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भर बना हुआ है।
एलपीजी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं
तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि देश के किसी भी हिस्से में एलपीजी की सप्लाई बाधित नहीं हुई है। गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर सिलेंडर की नियमित आपूर्ति जारी है। कुछ दिनों पहले अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई थी, जिसके कारण कई जगहों पर अचानक बुकिंग बढ़ गई थी।
हालांकि अब स्थिति सामान्य होती दिखाई दे रही है और गैस बुकिंग की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
यूएई से सुरक्षित लौटा भारतीय तेल टैंकर
इस बीच भारतीय झंडा लगा एक तेल टैंकर “जग लाडकी” संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से सुरक्षित रवाना हुआ। यह जहाज करीब 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल लेकर निकला था। जानकारी के अनुसार तेल टर्मिनल पर हमले की खबरों के बावजूद जहाज के सभी चालक दल सुरक्षित हैं।
बताया जा रहा है कि यह जहाज युद्ध जैसे हालात वाले क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाला चौथा भारतीय पोत है।
जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार ने यह भी कहा है कि एलपीजी की आपूर्ति में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर हालात सामान्य बने रहते हैं तो एलपीजी की मांग और आपूर्ति दोनों संतुलित बनी रहेंगी।






