फरवरी में बढ़ी महंगाई, खाने-पीने की चीज़ों ने बढ़ाई लोगों की चिंता

नई दिल्ली। देश में रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर लगभग 3.21 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि कुछ सब्जियों जैसे लहसुन, प्याज और आलू की कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर खाने-पीने की कई चीज़ें महंगी होने से आम लोगों के बजट पर असर पड़ा है। महंगाई का असर अब सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। रसोई का बजट संभालना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। फरवरी में खुदरा महंगाई दर बढ़ने के साथ खाने-पीने की कई जरूरी चीजें महंगी हो गई हैं, जिससे परिवारों के खर्च में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है।

 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बीते महीने की तुलना में महंगाई में करीब 0.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले जनवरी में खुदरा महंगाई दर लगभग 2.74 प्रतिशत थी, जो फरवरी में बढ़कर 3 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई।

 

खाने-पीने की चीज़ों का असर ज्यादा

विशेषज्ञों के अनुसार इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा योगदान खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों का रहा। कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होने से लोगों के दैनिक खर्च पर दबाव बढ़ा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

 

ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई ज्यादा

रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर करीब 3.37 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह लगभग 3.02 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि गांवों में रहने वाले लोगों पर महंगाई का बोझ शहरों की तुलना में थोड़ा ज्यादा पड़ा है।

See also  पीएम मोदी का 75वां जन्मदिन: देश-विदेश से शुभकामनाओं की बौछार, जनता का जताया आभार

 

किन क्षेत्रों में बढ़ी कीमतें

फरवरी के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में महंगाई का असर इस प्रकार देखा गया:

. तंबाकू और नशीले पदार्थ: लगभग 3.49% बढ़ोतरी

. खाद्य और पेय पदार्थ: करीब 3.35% वृद्धि

. कपड़े और जूते: लगभग 2.81% बढ़ोतरी

. स्वास्थ्य सेवाएं: करीब 1.90% वृद्धि

. परिवहन: हल्की गिरावट (लगभग -0.05%)

. सूचना और संचार: करीब 0.25% वृद्धि

कुछ चीज़ों में राहत भी

हालांकि कुल मिलाकर महंगाई बढ़ी है, लेकिन प्याज, आलू और लहसुन जैसी कुछ सब्जियों के दाम में कमी आने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

 

विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो महंगाई दर को काबू में रखा जा सकता है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी आगे महंगाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

 

आम लोगों पर असर

महंगाई में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को घरेलू बजट संतुलित करने में मुश्किलें आती हैं। ऐसे में सरकार और बाजार दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

Related Posts

मार्च में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी, 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा IIP

नई दिल्ली: देश की औद्योगिक गतिविधियों में मार्च महीने के दौरान सुस्ती देखने को मिली है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की वृद्धि दर घटकर 4.1% रह…

Read more

भारत–न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) सिर्फ एक औपचारिक डील नहीं, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला बड़ा कदम…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

मार्च में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी, 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा IIP

मार्च में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी, 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा IIP

डिजिटल अरेस्ट ठगी पर बड़ी कार्रवाई: 9,400 व्हाट्सऐप अकाउंट्स पर बैन, जांच तेज

डिजिटल अरेस्ट ठगी पर बड़ी कार्रवाई: 9,400 व्हाट्सऐप अकाउंट्स पर बैन, जांच तेज

बिहार में 47 साल बाद बदलेगी कार्यपालिका नियमावली, प्रशासन में आएगा बड़ा सुधार

बिहार में 47 साल बाद बदलेगी कार्यपालिका नियमावली, प्रशासन में आएगा बड़ा सुधार

दुर्लभ देसी मछलियों के साथ बिहार में चमकेगा मोती उत्पादन, नई योजना से बढ़ेगी आय

दुर्लभ देसी मछलियों के साथ बिहार में चमकेगा मोती उत्पादन, नई योजना से बढ़ेगी आय

राजस्थान रॉयल्स का शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्ड जीत के साथ बढ़ाया दबदबा

राजस्थान रॉयल्स का शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्ड जीत के साथ बढ़ाया दबदबा

भारत–न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

भारत–न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार