
पटना से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के सिविल कोर्ट परिसर को कुछ महीनों के अंदर कई बार बम से उड़ाने की चेतावनी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। ताज़ा संदेश मिलने पर पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक अदालत परिसर को धमकी भरा ई-मेल/संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें विस्फोट करने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही:
. पूरे परिसर को खाली कराया गया
. कर्मचारियों और वकीलों की एंट्री कुछ समय के लिए रोकी गई
. संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए विशेष टीम तैनात की गई
. जांच के बाद स्थिति सामान्य घोषित कर दी गई, मगर सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा कड़ी कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए अब:
. हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच होगी
. सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है
. साइबर टीम संदेश भेजने वाले की पहचान में जुटी है
अधिकारियों का कहना है कि शरारती तत्वों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा और तकनीकी माध्यमों से लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं चेतावनियाँ
पिछले लगभग दस महीनों में अदालत को कई बार इसी तरह के संदेश प्राप्त हुए हैं। हर बार तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई खतरनाक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद प्रशासन इसे “फर्जी मज़ाक” मानकर नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।
आम लोगों पर असर
घटना की वजह से:
. सुनवाई कुछ समय के लिए प्रभावित हुई
. वकीलों और वादकारियों को परेशानी हुई
. परिसर में भय का माहौल बन गया
. हालांकि बाद में कामकाज फिर शुरू करा दिया गया।
प्रशासन की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।







