
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 11 सालों में दिल्ली के लोगों से करीब 1,500 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है। इस दौरान 11,172 साइबर अपराधों के मामले दर्ज किए गए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2024 में साइबर ठगी के सबसे ज्यादा 817 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई, जबकि मामलों की संख्या 1,591 रही। 2020 में सबसे ज्यादा 1,687 मामले दर्ज किए गए थे, जब कोरोना काल में फर्जी ऑक्सीजन सिलेंडर, कोविड बचाव किट और अन्य तरीकों से लोगों को ठगा गया।
2014 में साइबर ठगी के केवल 226 मामले सामने आए थे, जबकि 2019 में यह संख्या 795 थी। 2020 में मामलों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई। 2021 तक ठगी की राशि 100 करोड़ रुपये से कम थी, लेकिन 2022 से यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
इस साल 30 जून तक ही 184 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 70 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर ठगों के तरीके भी बदल रहे हैं, जिसके चलते आम लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।






