पुनौराधाम तक पहुँचना होगा आसान, सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी की तैयारी

Screenshot 2025 08 11 130806माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर का शिलान्यास हो चुका है और अगले तीन वर्षों में इसे अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तरह ही भव्य रूप देने की योजना है।

मंदिर निर्माण से पहले यहाँ तक पहुँचने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी देने की कवायद तेज़ हो गई है। हाल ही में शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस योजना का ज़िक्र किया था।

सड़क मार्ग से जुड़ाव

  • राम-जानकी मार्ग: 13,186 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह मार्ग पुनौराधाम को सीधे अयोध्या से जोड़ेगा। यह सड़क रामायण सर्किट का अहम हिस्सा होगी और सीवान, मशरक, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल तक जाएगी।

  • विशेष सड़क: सीतामढ़ी में 4 किमी लंबी विशेष सड़क बन रही है, जो सीधे पुनौराधाम को राम-जानकी मार्ग से जोड़ेगी।

  • अन्य सड़क परियोजनाएँ:

    • मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी-सोनवर्षा रोड को दो से चार लेन किया जा रहा है।

    • पटना से सीतामढ़ी तक चार लेन सड़क का निर्माण जारी है, जिससे राजधानी से पुनौराधाम पहुँचना आसान होगा।

रेल मार्ग से जुड़ाव

  • दरभंगा–सीतामढ़ी–नरकटियागंज लाइन: 256 किमी लंबे इस रेलखंड का दोहरीकरण कार्य चल रहा है, जिसकी लागत 4,080 करोड़ रुपये है।

  • सीतामढ़ी–शिवहर रेल लाइन: 28 किमी लंबी नई लाइन को मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी लागत 566 करोड़ रुपये है। पुनौराधाम मंदिर इस लाइन से मात्र डेढ़ किमी दूर होगा।

हवाई मार्ग से जुड़ाव

  • पटना–सीतामढ़ी एनएच बनने के बाद राजधानी से यहाँ पहुँचने का समय काफी कम हो जाएगा।

  • दरभंगा एयरपोर्ट से मौजूदा सड़क के साथ-साथ सिलीगुड़ी–गोरखपुर एनएच के जरिए सीतामढ़ी को जोड़ा जा रहा है। यहाँ से पुनौराधाम तक विशेष सड़क पहले से बन रही है, जिससे दरभंगा से एक घंटे में पहुँचना संभव होगा।

Ayush Mishra

journalist

Related Posts

देशभर में लागू हुआ नया प्रोटोकॉल, राष्ट्रीय गीत-राष्ट्रगान का तय हुआ क्रम

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को लेकर एक स्पष्ट नियमावली जारी कर दी है। गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, जब भी दोनों…

Read more

Continue reading
भारतीय कांस्य प्रतिमाओं की वापसी: संस्कृति और न्याय की नई शुरुआत

भारत की सदियों पुरानी कला-धरोहर अब धीरे-धीरे अपने घर लौट रही है। लंबे समय पहले चोरी या अवैध तरीके से विदेश पहुँचाई गई प्राचीन कांस्य मूर्तियाँ अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग के…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *