जम्मू क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ माता वैष्णो देवी धाम से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। तीर्थ क्षेत्र को और बेहतर बनाने तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को सुविधाजनक बनाने के लिए एक नई विकास योजना को स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से आने वाले समय में यह इलाका सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।
क्या है नई योजना?
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। उद्देश्य है — कटरा और आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
योजना के अंतर्गत क्षेत्र को व्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक बनाया जाएगा, जिससे देश-विदेश से अधिक संख्या में लोग यहाँ पहुँच सकें।
श्रद्धालुओं को क्या लाभ मिलेगा?
. तीर्थ यात्रा मार्ग को और सुविधाजनक बनाया जाएगा
. यात्रियों के ठहरने और आराम की बेहतर व्यवस्था
आधुनिक प्रकाश और ध्वनि आधारित कार्यक्रमों की तैयारी
. धार्मिक विरासत को दर्शाने वाले विशेष प्रदर्शनी/गैलरी
. सूचना व सहायता सेवाएँ और अधिक व्यवस्थित
इससे यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव भी मिलेगा।
आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा
इस पहल का मकसद केवल मंदिर परिसर का विकास नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूत बनाना है। आधुनिक सुविधाएँ जुड़ने से यहाँ आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
प्रशासन की तैयारी
बैठक में अधिकारियों ने यह भी तय किया कि तीर्थ क्षेत्र की पहचान और धार्मिक महत्व को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। भर्ती और संचालन से जुड़े कार्यों को भी जल्द शुरू करने की योजना है ताकि व्यवस्थाएँ समय पर लागू हो सकें।
नई स्वीकृत योजनाओं के बाद आने वाले वर्षों में वैष्णो देवी धाम सिर्फ श्रद्धा का केंद्र ही नहीं रहेगा, बल्कि सुविधाजनक और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती


















