पटना: बिहार में क्षय रोग (टीबी) को लेकर राहत भरी तस्वीर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में टीबी से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में जहां मौतों का प्रतिशत 3.7 था, अब यह घटकर 2.1 प्रतिशत रह गया है। विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी सार्वजनिक की।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जांच, दवा उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है। इसी कारण बीमारी से जान जाने के मामलों में कमी आई है।
इलाज में सुधार का असर
राज्य में टीबी के उपचार की सफलता दर अब बढ़कर 86.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पहले यह आंकड़ा 2020 में करीब 80 प्रतिशत था, जो लगातार प्रयासों के बाद 2024 के अंत तक बेहतर स्तर पर पहुंच गया।
जिलों का प्रदर्शन
जिला-स्तरीय समीक्षा से पता चला कि बक्सर, सहरसा, भागलपुर, लखीसराय और सीतामढ़ी जैसे जिलों ने औसत से बेहतर परिणाम दिए हैं। वहीं मुजफ्फरपुर, वैशाली और दरभंगा का प्रदर्शन राज्य के औसत के आसपास बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मरीजों की समय पर पहचान, नियमित दवा सेवन और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खांसी लंबे समय तक रहने पर जांच जरूर कराएं, ताकि बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके।

















