
नई दिल्ली: सोशल मीडिया के दौर में राजनीति भी तेजी से डिजिटल होती जा रही है। इसी क्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (करीब 10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वह दुनिया के ऐसे पहले राजनेता बन गए हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 100 मिलियन से अधिक है।
यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत लोकप्रियता का संकेत नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते जनसंपर्क की बदलती राजनीति का भी प्रतीक मानी जा रही है।
2014 से शुरू हुआ डिजिटल सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़कर सोशल मीडिया पर सक्रिय उपस्थिति दर्ज करानी शुरू की थी। पिछले एक दशक में उनका अकाउंट केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विदेश यात्राओं की झलक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, त्योहारों की शुभकामनाएँ, युवाओं से संवाद और देश के आम नागरिकों से जुड़ी तस्वीरें व संदेश नियमित रूप से साझा किए जाते रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही मानवीय और सहज शैली उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलग पहचान देती है।
दूसरे देशों के नेताओं से भी आगे
विश्व राजनीति के कई बड़े नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट लोकप्रिय हैं, लेकिन फॉलोअर्स की संख्या के मामले में मोदी काफी आगे निकल गए हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप — लगभग 43.2 मिलियन
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो — करीब 15 मिलियन
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा — लगभग 14.4 मिलियन
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन — करीब 11.6 मिलियन
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय — करीब 6.4 मिलियन
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारतीय प्रधानमंत्री की डिजिटल पहुंच वैश्विक स्तर पर कहीं अधिक व्यापक है।
भारतीय नेताओं में भी बड़ी बढ़त
भारत के अन्य प्रमुख नेताओं के मुकाबले भी प्रधानमंत्री मोदी का अंतर काफी बड़ा है।
अमित शाह — करीब 29.7 मिलियन
योगी आदित्यनाथ — लगभग 16.1 मिलियन
राहुल गांधी — करीब 12.6 मिलियन
यानी घरेलू राजनीति में भी सोशल मीडिया लोकप्रियता के मामले में उनका प्रभाव अलग ही दिखाई देता है।
अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मजबूत पकड़
प्रधानमंत्री मोदी केवल इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं हैं। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनकी सक्रियता और फॉलोअर्स की संख्या काफी अधिक है:
X (ट्विटर) — लगभग 106.5 मिलियन
फेसबुक — करीब 54 मिलियन
यूट्यूब — लगभग 26 मिलियन सब्सक्राइबर
व्हाट्सऐप चैनल — करीब 20 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स
यह दर्शाता है कि उनका डिजिटल संचार बहु-प्लेटफॉर्म रणनीति पर आधारित है।
जनता से जुड़ाव बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री के पोस्ट केवल राजनीतिक संदेश नहीं होते, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम भी बनते हैं। कभी सैनिकों के बीच बिताए पल, कभी बच्चों के साथ संवाद, तो कभी भारतीय संस्कृति से जुड़ी झलकियां — इन सबने उनकी ऑनलाइन छवि को औपचारिक नेता से आगे बढ़ाकर एक सहज व्यक्तित्व में बदल दिया है।
ग्रामीण और शहरी दोनों वर्गों के लोग मोबाइल इंटरनेट के जरिए सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं, जिससे डिजिटल लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
बदलती राजनीति का संकेत
यह उपलब्धि केवल सोशल मीडिया का आंकड़ा नहीं, बल्कि राजनीति के बदलते स्वरूप का संकेत भी है। अब जनसभाओं के साथ-साथ डिजिटल मंच भी जनसंवाद का अहम माध्यम बन चुके हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में चुनाव प्रचार, सरकारी योजनाओं की जानकारी और जनभागीदारी में सोशल मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत लोकप्रियता के साथ-साथ भारत की डिजिटल पहुंच और सोशल मीडिया की ताकत को भी दर्शाता है। यह उपलब्धि बताती है कि आज का नेतृत्व केवल मंचों और सभाओं तक सीमित नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन तक पहुँच चुका है — जहां जनता सीधे संवाद चाहती है और प्रतिक्रिया भी तुरंत देती है।






