पटना शहर की यातायात व्यवस्था को बदलने वाली बड़ी परियोजना अब जमीन पर तेजी से उतरती दिखाई दे रही है। शहर के व्यस्त इलाके पटना जंक्शन के आसपास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को अत्याधुनिक और बेहद विशाल रूप में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह स्टेशन भविष्य में राजधानी का मुख्य ट्रांसपोर्ट इंटरचेंज बन जाएगा, जहां से रोज़ बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होगा।
रोज़ाना हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत
नई योजना के तहत बनने वाला यह स्टेशन केवल एक सामान्य मेट्रो स्टॉप नहीं होगा, बल्कि रेल, बस और शहर के अन्य यातायात साधनों को जोड़ने वाला बड़ा केंद्र बनेगा। अनुमान है कि प्रतिदिन लगभग 65-70 हजार यात्री इस स्टेशन का उपयोग कर सकेंगे। इससे जाम, ऑटो-रिक्शा की भीड़ और सड़क पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक दबाव में काफी कमी आएगी।
तीन स्तरों पर तैयार होगा स्टेशन
यह स्टेशन बहु-स्तरीय डिजाइन पर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आसानी से अलग-अलग दिशाओं की ट्रेन मिल सके।
. एक तल रेलवे स्टेशन से कनेक्ट रहेगा
. दूसरा तल मेट्रो प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा
. तीसरा तल कॉरिडोर बदलने (इंटरचेंज) के लिए बनाया जाएगा
यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन पकड़ने के लिए बाहर नहीं निकलना पड़ेगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और पैदल मार्ग की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
भूमिगत और एलिवेटेड दोनों से जुड़ाव
परियोजना की खास बात यह है कि यहां भूमिगत (अंडरग्राउंड) और ऊंचे ट्रैक (एलिवेटेड) दोनों तरह की मेट्रो सेवाएं मिलेंगी। ट्रेनें अलग-अलग कॉरिडोर से सीधे इस स्टेशन पर आएंगी, जिससे शहर के उत्तर, दक्षिण और पश्चिम हिस्सों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
निर्माण कार्य तेजी से आगे
स्टेशन क्षेत्र में मिट्टी की जांच, खुदाई और आसपास की संरचनाओं का सर्वे शुरू हो चुका है। इंजीनियरिंग टीम जमीन के नीचे सुरंग बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए भारी मशीनों की मदद से गहराई में सुरंग बनाई जाएगी, जिससे सड़क यातायात ज्यादा प्रभावित न हो।
शहर की तस्वीर बदलेगी
मेट्रो स्टेशन बनने के बाद पटना में:
. जाम की समस्या कम होगी
. रेलवे स्टेशन तक पहुंच आसान होगी
. ऑफिस और कॉलेज आने-जाने का समय बचेगा
. आसपास के बाजार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
यानी यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि शहर के विकास की नई शुरुआत मानी जा रही है।


















