फास्टैग नियमों में बदलाव से बढ़ेगा खर्च, यात्रियों को देना पड़ सकता है अतिरिक्त शुल्क

नई दिल्ली: देशभर में टोल भुगतान प्रणाली को और सख्त व पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा फास्टैग से जुड़े नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। इन नए प्रावधानों का असर सीधे तौर पर वाहन चालकों की जेब पर पड़ सकता है। खासतौर पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और रोजाना टोल प्लाजा से गुजरने वालों को अब पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।

 

वार्षिक पास होगा महंगा

नए नियमों के तहत निजी वाहनों के लिए बनाए जाने वाले सालाना पास की कीमत में वृद्धि की संभावना है। पहले जहां सीमित शुल्क में पूरे साल टोल से राहत मिल जाती थी, वहीं अब इस सुविधा के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है। इससे उन लोगों पर ज्यादा असर पड़ेगा जो रोजाना एक ही मार्ग पर यात्रा करते हैं।

 

फास्टैग से जुड़ी समय-सीमा सख्त

सरकार फास्टैग उपयोग को लेकर समय-सीमा को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। यदि वाहन मालिक तय समय के भीतर रिचार्ज या अपडेट नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इससे टोल प्लाजा पर रुकावट कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 कई टोल प्लाजा की दूरी सीमा में बदलाव

नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा के बीच की न्यूनतम दूरी को लेकर भी नियमों में संशोधन किया जा सकता है। इससे कुछ मार्गों पर टोल की संख्या बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर यात्रियों के खर्च पर पड़ेगा।

 

मासिक पास और रियायतों में बदलाव

पहले स्थानीय यात्रियों के लिए मासिक पास में राहत मिलती थी, लेकिन अब इसमें भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। नई व्यवस्था में रियायतों को सीमित किया जा सकता है, जिससे नियमित यात्रा करने वालों को अधिक भुगतान करना होगा।

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डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा

सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। फास्टैग के जरिए भुगतान को अनिवार्य करने से नकद लेनदेन कम होगा और समय की बचत होगी। हालांकि, इसके साथ ही नियमों की सख्ती आम लोगों के खर्च को बढ़ा सकती है।

 

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

रोजाना टोल पार करने वालों का मासिक खर्च बढ़ सकता है

लंबी दूरी के सफर में कुल टोल राशि अधिक हो सकती है

समय पर फास्टैग अपडेट न करने पर जुर्माना देना पड़ सकता है

 

 क्या है सरकार का उद्देश्य?

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद ट्रैफिक को सुचारू बनाना और टोल सिस्टम को अधिक आधुनिक बनाना है। हालांकि, आम लोगों के लिए यह बदलाव थोड़े महंगे साबित हो सकते हैं।

 

फास्टैग से जुड़े नए नियम जहां एक ओर सिस्टम को बेहतर और तेज बनाने की दिशा में कदम हैं, वहीं दूसरी ओर यह आम यात्रियों के लिए खर्च बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने फास्टैग को समय-समय पर अपडेट रखें और नए नियमों की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं।

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