पटना |
राजधानी पटना में बदलते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर के बड़े सरकारी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव और सुबह-शाम की ठंडी हवा के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक ओपीडी और इमरजेंसी दोनों जगह मरीजों की भीड़ पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। कई दिनों से प्रतिदिन हजारों लोग खांसी, गले में दर्द, नाक बहना, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य वायरल संक्रमण होने के बावजूद लापरवाही करने पर समस्या गंभीर हो सकती है, इसलिए लोग तुरंत अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
दवाइयों पर बढ़ा खर्च
मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ इलाज का खर्च भी बढ़ गया है। डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं और जांच करवाने में लोगों की जेब ढीली हो रही है। कई परिवारों को लगातार दवा खरीदनी पड़ रही है, क्योंकि घर के एक सदस्य के बाद दूसरे सदस्य भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
चिकित्सकों ने बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें जल्दी संक्रमण हो रहा है। वहीं बुजुर्गों में खांसी-जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी सामने आ रही है। कुछ मामलों में तेज बुखार और कमजोरी के कारण मरीजों को भर्ती तक करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों की सलाह
. विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
. सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें
. हल्का गरम पानी पीएं
. ठंडी चीजें और खुले में रखा भोजन न लें
. बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएं
. लगातार बुखार या खांसी होने पर तुरंत जांच कराएं
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज और घरेलू सावधानियों से इन मौसमी बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। मौसम स्थिर होने तक लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत

















