पटना। राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा और स्कूल शिक्षा—दोनों क्षेत्रों में बड़े फैसले लिए हैं। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई बिना शुल्क कराई जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे युवाओं को आधुनिक तकनीक की जानकारी मिलेगी और आगे नौकरी पाने में मदद होगी।
शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि तकनीकी कॉलेजों में नई सुविधाएँ बढ़ाई जाएँगी और प्लेसमेंट व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि पढ़ाई के बाद छात्रों को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के छात्र नई तकनीकी कौशल सीखकर उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार हों।
सिर्फ उच्च शिक्षा ही नहीं, स्कूली स्तर पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लगभग 52 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें बड़ी संख्या में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों की भर्ती होगी, जिससे पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए विशेष योजना भी शुरू की जा रही है। पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को करीब 12.50 करोड़ किताबों के सेट उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सभी बच्चों तक पाठ्यसामग्री समय पर पहुँच सके और पढ़ाई बाधित न हो।
सरकार का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। बजट का लगभग पाँचवां हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र नियमित करने और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को फिर से पढ़ाई से जोड़ने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
महिला साक्षरता दर में भी सुधार दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ी है। सरकार को उम्मीद है कि नई योजनाओं से राज्य में शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा युवाओं को भविष्य में बेहतर अवसर

















