बिहार के प्रकृति प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। राज्य के गंगा तटीय क्षेत्र के वेटलैंड इलाके में एक ऐसे पक्षी को देखा गया है, जिसे यहां पहले कभी दर्ज नहीं किया गया था। यह पक्षी हाइब्रिड रीफ हेरॉन है — यानी दो अलग रंगों के रूपों की विशेषताओं वाला दुर्लभ बगुला प्रजाति का पक्षी।
कहां और कैसे हुई पहचान
भागलपुर–असरगंज क्षेत्र के पास स्थित जलभराव वाले इलाके में स्थानीय लोगों ने एक अलग दिखने वाले बगुले को देखा। इसकी तस्वीरें खींचकर पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों तक पहुंचाई गईं। जांच के बाद पता चला कि यह सामान्य बगुला नहीं, बल्कि हाइब्रिड रूप वाला रीफ हेरॉन है।
जानकारों के मुताबिक इस प्रजाति का यहां दिखना असाधारण घटना माना जा रहा है।
क्यों खास है यह पक्षी
. इस पक्षी के शरीर पर सफेद और स्लेटी (ग्रे) दोनों रंग दिखाई देते हैं
. लंबी गर्दन, नुकीली पीली चोंच और पतले पैर इसकी पहचान हैं
. आम तौर पर यह समुद्री तटों और खारे पानी वाले इलाकों में पाया जाता है
. बिहार जैसे अंदरूनी भूभाग में इसका मिलना वैज्ञानिकों को भी चौंकाने वाला है
. विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम, प्रवास मार्ग में बदलाव या पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण यह पक्षी यहां पहुंचा हो सकता है।
प्रकृति संरक्षण के लिए अच्छी खबर
इस दुर्लभ पक्षी का दिखना केवल एक खोज नहीं बल्कि संकेत भी है कि राज्य के कुछ वेटलैंड अभी भी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय बने हुए हैं। इससे यह भी उम्मीद जगी है कि यदि जलाशयों और आर्द्रभूमि का संरक्षण किया जाए तो भविष्य में और भी दुर्लभ प्रजातियां यहां देखी जा सकती हैं।
स्थानीय लोगों में उत्साह
जैसे ही यह खबर फैली, आसपास के गांवों में उत्सुकता बढ़ गई। कई लोग इस पक्षी को देखने और तस्वीरें लेने पहुंचने लगे। हालांकि विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि पक्षी को परेशान न करें और दूरी बनाकर ही देखें, ताकि उसका प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित न हो।
बिहार में हाइब्रिड रीफ हेरॉन का दिखाई देना राज्य की जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है। यह घटना बताती है कि यदि पर्यावरण और जलाशयों को बचाया जाए तो प्रकृति हमें ऐसे ही अद्भुत उपहार देती रहेगी।

















