पटना। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े सुरक्षा और जनसंख्या बदलाव के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। गृह मंत्रालय की ओर से राज्य के बॉर्डर एरिया में हालात का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगामी 25 फरवरी से तीन दिन के बिहार दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे कई अहम बैठकों में भाग लेंगे।
यह अध्ययन खासकर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनसंख्या परिवर्तन, कानून-व्यवस्था और स्थानीय परिस्थितियों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। दौरे के दौरान गृहमंत्री इन रिपोर्टों की समीक्षा भी कर सकते हैं।
बैठक में सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सरकार का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, सुविधाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति को समझना है।
सूत्रों के अनुसार, सीमा इलाकों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष चर्चा होगी। साथ ही सीमा पार गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जाएगा।
अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर केंद्र आगे की नीति तय करेगा, ताकि सीमाई जिलों में विकास तेज हो और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

















