जापान ने बदली नीति: वैश्विक हथियार बाजार में एंट्री, शांति नीति में बड़ा बदलाव

Tokyo( The Hindu report )

जापान ने अपनी दशकों पुरानी शांति-आधारित नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए अब वैश्विक हथियार बाजार के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। सरकार ने घातक हथियारों के निर्यात पर लगी पुरानी रोक को हटाने का फैसला लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

 

 क्या है नया फैसला?

प्रधानमंत्री सानेए ताकाइची की अगुवाई में कैबिनेट ने नई गाइडलाइंस को मंजूरी दी है। इसके तहत अब जापान अपने बनाए गए रक्षा उपकरण—जैसे फाइटर जेट, मिसाइल, युद्धपोत और ड्रोन—अन्य देशों को निर्यात कर सकेगा।

पहले जापान केवल सीमित और गैर-घातक उपकरणों का ही निर्यात करता था, जैसे रेस्क्यू उपकरण, निगरानी प्रणाली और माइंस हटाने वाले साधन।

 

 बदलाव के पीछे की वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर चीन और उत्तर कोरिया की आक्रामक गतिविधियों ने जापान को यह निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है। सरकार का कहना है कि यह नई नीति देश की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान देगी।

 

मित्र देशों का समर्थन

इस फैसले का स्वागत जापान के सहयोगी देशों ने किया है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिससे रक्षा सहयोग और मजबूत होगा।

 

डिफेंस इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति के लागू होने से जापान की रक्षा उद्योग को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा

नई तकनीक और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा

रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे

See also  ईरान और अमेरिका की सैन्य नीतियों में बड़ा बदलाव, भर्ती नियमों में किए अहम संशोधन

 

 चीन ने जताई चिंता

जापान के इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ा सकता है और इसे “खतरनाक बदलाव” के रूप में देखा जा रहा है।

 

देश के अंदर भी विरोध

जापान के भीतर भी इस नीति बदलाव को लेकर मतभेद सामने आए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कदम देश के शांति संविधान के खिलाफ है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनाया गया था।

 

निर्यात पर अभी भी रहेंगी शर्तें

हालांकि नियमों में ढील दी गई है, लेकिन सरकार ने कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं:

केवल उन्हीं देशों को निर्यात होगा जिनसे रक्षा समझौते हैं

हर सौदे को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मंजूरी जरूरी होगी

हथियारों के उपयोग पर नजर रखी जाएगी

युद्ध में शामिल देशों को हथियार देने पर अभी भी प्रतिबंध रहेगा (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर)

 

 आगे क्या?

जापान का यह कदम उसके बदलते वैश्विक रोल को दर्शाता है। एक ओर वह अपनी सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहता है, वहीं दूसरी ओर उसे अपनी शांति की छवि को बनाए रखने की चुनौती भी है।

Related Posts

दिव्यांग कैदियों के लिए जेलों को बेहतर बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

नई दिल्ली: The Hindu report    देश की न्यायपालिका ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जेलों को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया…

Read more

पर्यटकों का भरोसा कायम: पहलगाम में शहीदों को श्रद्धांजलि देकर लौटने का संकल्प

पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) The Hindu report  जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकी घटना के बाद भी पर्यटकों का हौसला कम नहीं हुआ है। देशभर से…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य, ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़े बदलाव

ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य, ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़े बदलाव

अप्रैल में ही बढ़ी गर्मी, स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर

अप्रैल में ही बढ़ी गर्मी, स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर

बिहार के आंगनबाड़ी केंद्रों ने स्वास्थ्य कार्ड वितरण में देश में बनाई मजबूत पहचान, तीसरे स्थान पर पहुंचा राज्य

बिहार के आंगनबाड़ी केंद्रों ने स्वास्थ्य कार्ड वितरण में देश में बनाई मजबूत पहचान, तीसरे स्थान पर पहुंचा राज्य

राजस्थान की दमदार वापसी, गेंदबाजों और फील्डिंग ने दिलाई शानदार जीत

राजस्थान की दमदार वापसी, गेंदबाजों और फील्डिंग ने दिलाई शानदार जीत

दिव्यांग कैदियों के लिए जेलों को बेहतर बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

दिव्यांग कैदियों के लिए जेलों को बेहतर बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

पर्यटकों का भरोसा कायम: पहलगाम में शहीदों को श्रद्धांजलि देकर लौटने का संकल्प

पर्यटकों का भरोसा कायम: पहलगाम में शहीदों को श्रद्धांजलि देकर लौटने का संकल्प