Delimitation पर भ्रम दूर: दक्षिणी राज्यों को नहीं होगा नुकसान, बोले पीयूष गोयल

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने आगामी परिसीमन (Delimitation) को लेकर उठ रही आशंकाओं पर सफाई दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया से दक्षिण भारत के राज्यों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।

 

महिला आरक्षण पर बड़ा अपडेट

सरकार ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का लक्ष्य तय किया है, जिसे वर्ष 2029 तक लागू किया जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होगी।

 

 परिसीमन को लेकर ‘गलतफहमी’

मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा कि यह कहना कि परिसीमन से दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा, पूरी तरह भ्रामक और निराधार है। उनके अनुसार, सीटों का पुनर्गठन पूरे देश में समानुपातिक तरीके से होगा, जिससे किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेता, जिनमें M. K. Stalin भी शामिल हैं, इस मुद्दे पर गलत धारणा फैलाने का काम कर रहे हैं।

 

 सीटों में वृद्धि से होगा संतुलन

सरकार की योजना के अनुसार, मौजूदा लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा सीटों की संख्या को बढ़ाकर महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

.   इसका मतलब यह है कि किसी भी मौजूदा सीट को खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि नई सीटें जोड़कर संतुलन बनाया जाएगा।

 

आरक्षित सीटों का चयन कैसे होगा?

गोयल ने बताया कि जिन सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा, उनका चयन रैंडम (यादृच्छिक) तरीके से किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी क्षेत्र को विशेष लाभ या नुकसान नहीं होगा।

See also  बिहार की बेटियों ने रचा इतिहास: पिंक बस की ड्राइविंग सीट पर पहली बार महिलाएं

 

महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस

सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं को राजनीति में आगे लाने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

गोयल ने कहा कि सरकार अपने इस वादे को पूरी तरह निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

क्या है पूरा मामला? (सरल भाषा में समझें)

परिसीमन: जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण

लक्ष्य: संतुलित प्रतिनिधित्व और बेहतर शासन

महिलाओं का आरक्षण: 33% सीटें सुरक्षित

लागू होने की समयसीमा: 2029

दक्षिण भारत पर असर: कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं

 

सरकार ने साफ कर दिया है कि परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। सीटों की संख्या बढ़ाकर और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर हर क्षेत्र और वर्ग को समान अवसर देने की कोशिश की जा रही है।

Related Posts

चंद्रयान-2 की नई खोज: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ होने के संकेत, वैज्ञानिकों में बढ़ी उत्सुकता

बेंगलुरु भारत के दूसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-2 ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में नई उम्मीद जगाई है। लॉन्च के करीब छह साल बाद भी यह मिशन लगातार…

Read more

CISF की निगरानी में आएंगे देश के करीब 1,200 फिशिंग हार्बर, तटीय सुरक्षा को मिलेगा नया मजबूती कवच

नई दिल्ली: देश की समुद्री सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार अब देशभर के लगभग 1,200 मछली पकड़ने…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

चंद्रयान-2 की नई खोज: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ होने के संकेत, वैज्ञानिकों में बढ़ी उत्सुकता

चंद्रयान-2 की नई खोज: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ होने के संकेत, वैज्ञानिकों में बढ़ी उत्सुकता

CISF की निगरानी में आएंगे देश के करीब 1,200 फिशिंग हार्बर, तटीय सुरक्षा को मिलेगा नया मजबूती कवच

CISF की निगरानी में आएंगे देश के करीब 1,200 फिशिंग हार्बर, तटीय सुरक्षा को मिलेगा नया मजबूती कवच

मेकेदातु परियोजना और मछुआरों के मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

मेकेदातु परियोजना और मछुआरों के मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

खेल प्रशासन को डिजिटल बनाने की तैयारी, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर सरकार का बड़ा फोकस

खेल प्रशासन को डिजिटल बनाने की तैयारी, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर सरकार का बड़ा फोकस

भारत और अमेरिका ने मिलाया हाथ, रेयर अर्थ मिनरल्स पर बनेगी नई रणनीति

भारत और अमेरिका ने मिलाया हाथ, रेयर अर्थ मिनरल्स पर बनेगी नई रणनीति

अपनापन: राजनीति से ऊपर रिश्तों की कहानी, दिल्ली में हुआ पुस्तक विमोचन

अपनापन: राजनीति से ऊपर रिश्तों की कहानी, दिल्ली में हुआ पुस्तक विमोचन