पटना समेत बिहार के सभी जिलों में बनेंगे ट्रैफिक पार्क, लोगों को दी जाएगी यातायात नियमों की जानकारी

पटना: बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के प्रति लापरवाही को देखते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करने का फैसला किया है। अब पटना सहित राज्य के सभी जिलों में ट्रैफिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन ट्रैफिक पार्कों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, खासकर युवाओं और बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। इन पार्कों में ट्रैफिक से जुड़े नियमों को आसान और व्यावहारिक तरीके से समझाया जाएगा, ताकि लोग सड़क पर चलते समय नियमों का पालन करें और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे ट्रैफिक पार्क के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करें। पटना में इस परियोजना के लिए स्थान पहले ही तय किया जा चुका है और इसे जेपी गंगा पथ के पास विकसित करने की योजना है। अन्य जिलों में भी इसी तरह जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इन ट्रैफिक पार्कों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां सड़क, फुटओवर ब्रिज, ट्रैफिक सिग्नल, डमी बिल्डिंग, प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि लोगों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया जा सके। इसके जरिए यातायात नियमों को समझना और भी आसान हो जाएगा।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2020 से लेकर 2024 तक दुर्घटनाओं के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि 2025 के शुरुआती महीनों में भी यह आंकड़ा चिंताजनक बना हुआ है। कई जिलों में दुर्घटनाओं के मामलों में विशेष रूप से वृद्धि देखी गई है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

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राज्य के कैमूर, जहानाबाद, मधेपुरा, पटना, दरभंगा, गया, पूर्णिया, वैशाली और मोतिहारी सहित कई जिलों में सड़क हादसों के मामलों में तेजी आई है। यही वजह है कि सरकार अब केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल कड़े कानून ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि लोगों में जागरूकता भी जरूरी है। ट्रैफिक पार्क इस दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं, जहां लोग सीखने के साथ-साथ व्यवहार में भी बदलाव ला सकेंगे।

सरकार की योजना है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जाए। अगर यह योजना सफल होती है, तो बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, ट्रैफिक पार्क की यह पहल न केवल लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत भी विकसित करेगी, जिससे भविष्य में कई जानें बचाई जा सकेंगी।

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