
कोलकाता से आई बड़ी राजनीतिक खबर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है। इस सूची में कुल 144 नाम शामिल हैं, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
🔹 प्रमुख नेताओं की सीटें और मुकाबले
पार्टी ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों—नंदीग्राम (पूर्वी मिदनापुर) और भवानीपुर (कोलकाता)—से चुनाव मैदान में उतारा है। भवानीपुर सीट खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधायक हैं। ऐसे में यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।
वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर से टिकट मिला है। इसके अलावा, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को कोलकाता के रशबेहारी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।
🔹 उम्मीदवारों का सामाजिक और राजनीतिक संतुलन
घोषित सूची में पार्टी ने अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण दिखाने की कोशिश की है। इसमें 41 मौजूदा विधायक, 3 पूर्व विधायक और 2 पूर्व सांसद शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में 11 महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है।
हालांकि, सूची में किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को शामिल नहीं किया गया है, जो राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
🔹 मौजूदा विधायकों पर भरोसा
भाजपा ने कई वर्तमान विधायकों को दोबारा मौका दिया है। इनमें अग्निमित्रा पाल (आसनसोल दक्षिण), चंदना बाउरी (सलतोरा), शिखा चटर्जी (डाबग्राम-फुलबाड़ी) और मालती रावा राय (तूफानगंज) जैसे नाम शामिल हैं।
🔹 2021 चुनाव की यादें और नया समीकरण
इस सूची की सबसे बड़ी चर्चा शुभेंदु अधिकारी का भवानीपुर से चुनाव लड़ना है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को बेहद कम अंतर—करीब 1,956 वोटों—से हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापस आना पड़ा था।
🔹 चुनावी माहौल हुआ गर्म
भाजपा की इस सूची के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सभी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक मुकाबले और तीखे होंगे।





